मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन के निर्माण का रास्ता साफ, नेपाल जाने में भी सुविधा
यह परियोजना सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना (एनएचडीपी) के तहत सड़क नेटवर्क को उन्नत करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। इसके पूरा होने से सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर से जुड़े जिलों का आवागमन सुलभ हो जाएगा।

मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी के सोनबरसा तक एनएच-22 के चौड़ीकरण की अंतिम बाधा दूर हो गई। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिल गया है। इस हाईवे को फोरलेन करने की परियोजना पर निर्माण कार्य सितंबर से शुरू होने का अनुमान है। इस परियोजना को एचएएम (हाईब्रिड एन्यूटी मोड) में कराने के प्रस्ताव को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पहले ही स्वीकृति दे चुका है। अब मुख्यालय स्तर से ही निविदा निकाल कर जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
इसको लेकर एनएचएआई के मुजफ्फरपुर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के अधिकारियों के अनुसार वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने का इंतजार किया जा रहा था। फरवरी के अंतिम सप्ताह में वन विभाग ने परियोजना शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी। बताया कि इस परियोजना में 3590.79 करोड़ की लागत से 90 किमी लंबे एनएच को दो लेन से चार लेन में बदले जाने का प्रस्ताव भेजा गया था।
फिलहाल मुख्यालय स्तर से 2831.42 करोड़ रुपये की लागत से 82.551 किमी सड़क को ही चार लेन में बदलने की मंजूरी मिली है। इसके लिए मुख्यालय स्तर से पिछले महीने निविदा निकाली जा चुकी है। इसमें दो मीटर चौड़ा डिवाइडर सहित 22 मीटर की चौड़ाई में कुल चारों लेन को बनाया जाना है।
कार्यादेश के बाद ढाई वर्ष में कार्य पूरा करने का लक्ष्य
पीआईयू के अधिकारी ने कहा कि कार्यादेश दिए जाने के 910 दिन यानि ढ़ाई साल के भीतर पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि परियोजना के बहुत कम ही जमीन अधिग्रहण किए जाने की जरूरत थी। जिसे पिछले साल ही पूरा करते हुए रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है।
फोरलेन बनने से क्षेत्रीय व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों में आएगी तेजी
यह परियोजना सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना (एनएचडीपी) के तहत सड़क नेटवर्क को उन्नत करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। इसके पूरा होने से सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर से जुड़े जिलों का आवागमन सुलभ हो जाएगा। साथ ही नेपाल से सड़क मार्ग से आवागमन की सुविधा और मजबूत होगी। क्षेत्रीय व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके असर से स्थानीय आर्थिक विकास को नया आयाम मिलेगा। यात्रियों को सुरक्षित, तेज एवं आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।




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