गोपाल खेमका मर्डर: घटनास्थल पर पुलिस के देरी से पहुंचने का आरोप, DGP विनय कुमार ने क्या बताया?
गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस पर घटनास्थल पर देरी से पहुंचने के आरोपों पर डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में देरी नहीं हुई है। शुक्रवार रात 11:40 बजे गोली चलने के बाद परिवार के सदस्य कंकड़बाग इलाके के एक निजी अस्पताल चले गये थे, जिसमें करीब 30-35 मिनट लग गए।

पटना के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर पुलिस सवालों के घेरे में है। खेमका के परिवार ने पटना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घटनास्थल पर डेढ़ घंटे देरी से पहुंचने की बात कही। जिस पर अब डीजीपी विनय कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस की लेटलतीफी के सवाल पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस कार्रवाई में देरी नहीं हुई है। शुक्रवार रात 11:40 बजे गोली चलने के बाद परिवार के सदस्य कंकड़बाग इलाके के एक निजी अस्पताल चले गये थे, जिसमें करीब 30-35 मिनट लग गए।
उन्होने बताया कि अस्पताल के अधिकारियों ने ही पहले कंकड़बाग थाने को सूचना दी। इसके बाद कंकड़बाग थाने ने गांधी मैदान थाना को घटना की जानकारी दी। रात 12:30 बजे के आसपास पुलिस को हत्या की जानकारी मिली और करीब दस मिनट के बाद पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। डीजीपी ने बताया कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण और जांच के आधार पर पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसके आधार पर जांच जारी है। वहीं गोपाल खेमका की हत्या के बाद बिहार पुलिस ने उनके बेटे गौरव खेमका को सुरक्षा दी है। बेटे की सिक्योरिटी में दो पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।
इसके अलावा इस गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच की जानकारी देते हुए डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि हत्याकांड के कारणों को लेकर सभी एंगल से जांच की जा रही है। कारोबारी रंजिश के एंगल से भी जांच हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्याकांड के तार बेऊर जेल से जुड़ रहे हैं। इसको देखते हुए आईजी पुलिस और आयुक्त के नेतृत्व में बेऊर जेल में छापेमारी भी की गयी। इस छापेमारी के दौरान संदिग्धों से पूछताछ हुई।




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