भागलपुर में उफान पर गंगा; सड़क से लेकर कॉलेज-पार्क पानी में डूबे, अलर्ट जारी
भागलपुर में गंगा उफान पर है। जिसके चलते शहरी इलाकों में पानी घुस गया है। टीएमबीयू के पीछे सिटी कॉलेज से लेकर बूढ़ानाथ मंदिर के नीचे पार्क भी जलमग्न हो गया है। नवगछिया के इस्माइलपुर इलाके में तेजी से पानी बढ़ रहा है। जिसके चलते लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर जा रहे है।

भागलपुर जिले में रविवार को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जिसके चलते शहरी क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर गया है। रात से हो रही बारिश के बाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल रोड पर पानी आ गया है। क्योंकि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी की निकासी नहीं हो रही है। छात्रों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं बूढ़ानाथ मंदिर के नीचे पार्क में भी गंगा पानी भर गया है। उधर नवगछिया के इस्माइलपुर इलाके में तेजी से पानी बढ़ रहा है। लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर जा रहे है। लोगों को आशंका है कि अगले तीन-चार दिनों में पानी और बढ़ जाएगा। जल संसाधन विभाग ने पहले ही गंगा किनारे के लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
आपको बता दें सुल्तानगंज में गंगा का रौद्र रूप दिख रहा है। यहां पिछले 24 घंटे में 44 सेमी जलस्तर बढ़ा है। स्थिति यह है कि खतरे के निशान 34.50 मीटर से सिर्फ चार सेमी नीचे 34.46 मीटर पर बह रही है। सुल्तानगंज में अभी श्रावणी मेला को लेकर करीब दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। जलस्तर में वृद्धि को लेकर कांवरियों की सुरक्षा के लिए बल्ली और जाली लगाई गई है। इधर, भागलपुर में गंगा 34 सेमी बढ़ी है। भागलपुर का जलस्तर 32.19 मीटर आंका गया है। गंगा का जलस्तर राघोपुर और इस्माईलपुर बिंदटोली में भी लाल निशान के करीब आ गया है।
शनिवार को भी तोफिल गांव से उत्तर महंत बाबा स्थान के पास बहियार में कृषि योग्य भूमि का भीषण कटाव जारी रहा। करीब तीन बीघा खेत गंगा में समा गया। वहीं अंठावन गांव के समीप भी कटाव शुरू हो गया है। मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल, पंचायत समिति सदस्य गंगाधर मंडल ने बताया कि कटाव निरोधी कार्य में लगाया जिओ बैग गंगा में समाने लगा है। ग्रामीणों का आरोप था कि यह तटबंध कटाव में टिक नहीं सकेगा। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि बाढ़ पूर्व गए कटावनिरोधी कार्य के कुछ जिओ बैग गंगा में धंस गया था। उक्त स्थल पर संवेदक के द्वारा जिओ बैग डालकर मरम्मत्ती का कार्य किया जा रहा है।




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