बिहार में गैंगरेप पीड़िता FIR के लिए भटकती रही, पुलिस ने लिखवा लिया- किसी की गलती नहीं
पुलिस ने पीड़िता और उसके पिता से लिखित मुचलका लिया, जिसमें लिखा गया कि किसी की गलती नहीं है। 8 अप्रैल को फिर एसकेएमसीएच में इलाज के लिए आई। यहां मीडिया को दिए उसके बयान का वीडियो वायरल हुआ। इसमें उसने गैंगरेप की बात बताई।

बिहार में गैंगरेप के बेहद ही गंभीर मामले में पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई है। गरहां में मेला घुमाने के बहाने युवती से गैंगरेप की घटना हुई। पीड़िता एसकेएमसीएच ओपी और अहियापुर थाना पहुंची थी। बावजूद मदद नहीं मिली। पीड़िता के बयान का वीडियो वायरल होने के दो दिन बाद तक पुलिस सक्रिय नहीं हुई। पीड़िता के ओपी और थाने से लौटने के तीन दिन बाद केस दर्ज हुआ। गरहां ओपी में गैंगरेप का केस दर्ज होने के अगले दिन शनिवार तक पुलिस न तो पीड़िता का कोर्ट में बयान करा सकी और न घटनास्थल की एफएसएल जांच हुई। पीड़िता ने एफआईआर में गरहां निवासी ऋषि यादव और उसके दो साथियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है।
पुलिस को बताया कि ऋषि गरहां मेला घुमाने के लिए दो अप्रैल की शाम बुलाया। कोल्ड ड्रिंक्स में नशा मिलाकर पिला दिया। इसके बाद ऋषि और उसके दो साथियों ने खेत में ले जाकर गैंगरेप किया। होश आया तो वह ऑर्केस्ट्रा में थी। वहां से मां साथ ले गई। पीड़िता ने कहा कि आरोपितों ने केस दर्ज कराने पर हत्या की धमकी दी थी। अहियापुर थानेदार रोहन कुमार के अनुसार थाने के ओडी अफसर को युवती ने दुष्कर्म की बात नहीं बताई। एसकेएमसीएच ओपी पुलिस का कहना है कि युवती ने 8 अप्रैल को लिखित दिया कि कोई दोषी नहीं है।
एमसीएच में युवती के उर्फ नाम से पुर्जा कटा
एमसीएच में उसके उर्फ नाम से पुर्जा कटा। वहां कुछ युवक उसके पीछे पड़े तो महिला सुरक्षाकर्मियों ने उसे एसकेएमसीएच ओपी पहुंचा दिया। यहां पीड़िता से ओडी अधिकारी ने पूछताछ की। इसके बाद युवती को रात में ही अहियापुर थाना ले जाया गया। अगली सुबह उसे पिता को सौंप दिया गया। पुलिस ने पीड़िता और उसके पिता से लिखित मुचलका लिया, जिसमें लिखा गया कि किसी की गलती नहीं है। 8 अप्रैल को फिर एसकेएमसीएच में इलाज के लिए आई। यहां मीडिया को दिए उसके बयान का वीडियो वायरल हुआ। इसमें उसने गैंगरेप की बात बताई।




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