35 lakh consumers are not geting electricity bill in bihar More than 700 crores outstanding बिहार में 35 लाख उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिजली बिल, 700 करोड़ से ज्यादा बकाया, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार में 35 लाख उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिजली बिल, 700 करोड़ से ज्यादा बकाया

बिजली कंपनी ने विनियामक आयोग को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड मात्र 89.24 फीसदी उपभोक्ताओं को ही बिजली बिल दे सकी, जबकि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने मात्र 80.02 फीसदी लोगों को ही बिजली बिल दिए।

Sun, 12 April 2026 06:04 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, संजय, पटना
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बिहार में 35 लाख उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिजली बिल, 700 करोड़ से ज्यादा बकाया

बिहार में हर महीने औसतन लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण बिहार के कम लोगों को बिजली बिल मिल रहे हैं। जिन लोगों को बिजली बिल मिल रहे हैं, उसमें भी मीटर रीडिंग नहीं होने से औसतन खपत को आधार बना दिया जा रहा है। इससे लोगों को अचानक से भारी-भरकम बिजली बिल आ जाते हैं, जिसे जमा करना मुश्किल हो रहा है। इस कारण हर महीने हजारों लोगों का बिजली कनेक्शन कट जा रहा है। यही नहीं, जिन उपभोक्ताओं को कंपनी बिल दे रही है, उनसे शत-प्रतिशत बिल की वसूली भी नहीं हो पा रही है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने कंपनी को इस परिस्थिति में सुधार लाने का टास्क सौंपा है।

बिजली कंपनी ने विनियामक आयोग को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड मात्र 89.24 फीसदी उपभोक्ताओं को ही बिजली बिल दे सकी, जबकि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने मात्र 80.02 फीसदी लोगों को ही बिजली बिल दिए। यही नहीं जिन उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिले, उसमें से नॉर्थ बिहार ने मात्र 92.27 फीसदी तो साउथ बिहार में 73.90 फीसदी उपभोक्ताओं से ही बिल की वसूली कर सकी।

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वित्तीय वर्ष की शुरुआत में नॉर्थ बिहार में 377.97 करोड़ बकाया था। इस अवधि में 135.32 करोड़ का बिल जेनरेट हुआ। इसमें से कंपनी मात्र 89.11 करोड़ ही वसूल सकी और कंपनी का बकाया 424.18 करोड़ हो गया। इसी तरह साउथ बिहार में पूर्व का बकाया 521.62 करोड़ था। 279.35 करोड़ का बिल जेनरेट हुआ, लेकिन कंपनी 82.45 करोड़ की ही वसूली हो सकी। नतीजतन बकाया 718.54 करोड़ हो गया।

आयोग ने तिमाही रिपोर्ट मांगी

विनियामक आयोग ने शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं देने और उनसे वसूली नहीं होने पर नाराजगी जताई है। आयोग ने कहा है कि हर तिमाही में सर्किल वार किस महीने में कितने उपभोक्ताओं को बिजली बिल दिए गए और कितनों से उसकी वसूली हुई, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके तहत कितने करोड़ का बिल जेनरेट हुआ और उसमें से कितने करोड़ की वसूली हुई, यह सूची उपलब्ध कराई जाए। यह आंकड़ा प्रतिशत में भी मांगा गया है ताकि पता चल सके कि कितने उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिल सका।

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स्मार्ट प्रीपेड मीटर बनेगा सहारा

बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर कंपनी के लिए सहारा साबित हो रही है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर में उपभोक्ताओं को बिजली बिल देने की जरूरत नहीं होती है। राज्य में अभी 87 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। पहले चरण में 23.5 लाख, दूसरे चरण में 36 लाख तो तीसरे चरण में 1.12 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं।

इन विद्युत प्रमंडलों में हो रही है अधिक चोरी

लखीसराय, डिहरी, मसौढ़ी, भभुआ, बिहारशरीफ ग्रामीण, मधेपुरा, सिमरी बख्तियारपुर, शिवहर, मोतिहारी और अररिया।

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