Bihar Flood: पलायन का दंश और पूजा कर गंगा मइया से लौटने की गुहार, बिहार में कोसी नदी भी उफनाई; बाढ़ का कहर
Bihar Flood: कहलगांव की कुछ पंचायतों में निचले इलाके के घरों में पानी घुस गया है। खेतों में लगी मक्का एवं अन्य सब्जी आदि की फसल डूबने लगी है। प्रखंड के तौफिल गांव में महिलाएं गंगा मैया का पूजन करने लगी हैं। वे गीतों के माध्यम से गंगा से लौट जाने की गुहार लगा रही हैं।
गंगा में आई बाढ़ ने भागलपुर में हलचल मचा दी है। सुल्तानगंज, राघोपुर और इस्माईलपुर बिंदटोली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा अब कहलगांव में भी ‘रेड बॉर्डर’ के पार हो गई। कहलगांव में खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर गंगा बह रही है। भागलपुर में वार्निंग लेवल के पार हो चुकी गंगा लाल निशान से मात्र 40 सेमी कम पर बह रही है। कोसी भी बेतहाशा बढ़ रही है। दोनों प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखकर डीएम ने सोमवार को आपात बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की। साथ ही संभावित आपदा से निपटने के उपायों पर मातहतों के साथ मैराथन बैठक की। डीएम ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की छुट्टियां मुख्यालय के निर्देश पर रद्द करते हुए तमाम तटबंधों पर अभियंताओं और आपदा मित्री की तैनाती के साथ-साथ पेट्रोलिंग कराने के निर्देश दिए। डीएम ने हरेक आधे घंटे की रिपोर्ट जिला नियंत्रण कक्ष को देने का आदेश दिया है।
मसानी काली मंदिर के पास भरा पानी
केंद्रीय जल आयोग की जारी रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की शाम छह बजे जलस्तर की ली गई रिपोर्टिंग में कहलगांव का जलस्तर 31.23 मीटर पाया गया है। यहां लाल निशान 31.09 मीटर पर निर्धारित किया गया है। इस तरह से 14 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को 20 सेमी की बढ़ोतरी संभव है। भागलपुर के शहरी क्षेत्र में गंगा का पानी बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह ही बूढ़ानाथ मंदिर के निचले हिस्से पार्क और मसानी काली मंदिर के पास पानी आ गया है। बरारी में सीढ़ी घाट और पुल घाट के करीब गंगा आ गई है। रिवर फ्रंट की अधिकतर सीढ़ियां डूब गई हैं। टीएमबीयू गेस्ट हाउस तक पानी आ गया है। विवि के पीछे पूरा हिस्सा जलमग्न हो गया है। खेतों में लगी सब्जियां और फसलों को तोड़कर महिलाएं पानी में ही शहर आने लगी हैं। विवि के पीछे ही कुछ लोग नाव पर बांस-बल्ला आदि लादकर शहर में शिविर लगाने के लिए आ रहे हैं।
कहलगांव में महिलाएं कर रहीं गंगा पूजन
कहलगांव की कुछ पंचायतों में निचले इलाके के घरों में पानी घुस गया है। खेतों में लगी मक्का एवं अन्य सब्जी आदि की फसल डूबने लगी है। प्रखंड के तौफिल गांव में महिलाएं गंगा मैया का पूजन करने लगी हैं। वे गीतों के माध्यम से गंगा से लौट जाने की गुहार लगा रही हैं। इन महिलाओं का नेतृत्व कर रही नीलम देवी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ मिलकर गंगा तट पर बैठकर मां गंगा को मनाने का आस्था से भरा रास्ता चुना है। दूसरी ओर पीरपैंती। पीरपैंती में जलस्तर बढ़ने से बाखरपुर एवं बाबूपुर का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पथ निर्माण विभाग के अभियंता विकास कुमार ने बताया कि ह्यूम पाइप तो बिछा दिया गया है। अब उसमें मिट्टी भराई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
मोतीचक दियारा के लोग पलायन कर रहे
सुल्तानगंज में कल्याणपुर मोतीचक दियारा क्षेत्र के लोग सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे हैं। गांव जाने वाला मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया है। प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर नवटोलिया भी बाढ़ की चपेट में आने लगा है। विद्यालय के चारों तरफ गंगा का पानी घिर आया है। स्कूल में जाने के लिए नाव ही सहारा है। गनगनियां पंचायत के भी कुछ वार्ड के टोला पानी से घिरने लगा है। वहीं अकबरनगर के अमिया घाट, खेरैहिया घाट, इंग्लिश चिचरौंन आदि में पानी भर जाने से लोगों को दियारा आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निचले क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
नाथनगर के तीन गांवों का संपर्क मुख्य पथ से कटा
भागलपुर में 33.28 मीटर पर गंगा बह रही है। यहां लाल निशान को छूने में 40 सेमी की कमी है। आयोग ने मंगलवार को 18 सेमी बढ़ोतरी की संभावना बताई है। इधर, गंगा में बढ़ोतरी से नदी क्षेत्र के कुछ गांवों का संपर्क कट गया है। नाथनगर के रसदपुर, अजमेरीपुर और बैरिया गांव का संपर्क मुख्य पथ लालूचक पुल के वार्ड संख्या एक से कट गया है। इससे करीब पांच हजार ग्रामीणों को दो किमी घूमकर श्रीरामपुर की ओर से गांव पहुंचना पड़ रहा है। इन क्षेत्र के ग्रामीण मवेशी लेकर शहर के सुरक्षित हिस्सों में अस्थायी रूप से आने लगे हैं।
मवेशियों के लिए खूंटा गाड़ रहे बाढ़ पीड़ित
भागलपुर। टीएनबी कॉलेजियट स्कूल और हवाई अड्डा मैदान में बाढ़ पीड़ितों द्वारा मवेशियों को रखने के लिए खूंटा गाड़ा गया है। हवाई अड्डा परिसर में शंकरपुर दियारा के किसान पशुओं के साथ डेरा डाल दिए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज, डीएवी स्कूल आदि की पीछे वाली दीवार के करीब गंगा सटती जा रही है। किला घाट के पास फिलहाल मवेशियों का खूंटा गाड़ा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि गंगा अभी राइजिंग मोड में है। अभी दो-तीन बढ़ोतरी होगी। मैदानी हिस्सों में पानी फैल रहा है। तमाम तटबंध सुरक्षित हैं।
मदरौनी में कोसी लाल निशान से 34 सेमी नीचे
नवगछिया। नवगछिया में इस्माईलपुर-बिंदटोली में तटबंध व विभिन्न स्परों पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है। सुबह का गंगा नदी का जलस्तर 32.02 मीटर था, जबकि शाम छह बजे 32.06 मीटर आंका गया। बाढ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया से मिली जानकारी के अनुसार मदरौनी में कोसी नदी डेंजर लेवल 31.48 मीटर से 34 सेंटीमीटर नीचे 31.14 सेंटीमीटर पर बह रही है। फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की जानकारी दी गयी है।राघोपुर में लाल निशान 32.80 मीटर से 55 सेमी ऊपर 33.35 मीटर पर गंगा बह रही है। जल संसाधन विभाग के अभियंता तटबंधों पर नजर रख रहे हैं।




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