सऊदी में भाई की गिरफ्तारी का डर दिखाया; पूर्णिया में महिला को डिजिटल अरेस्ट किया, 94 हजार ठगे
पीड़िता रूकमणी कुमारी ने एक लिखित सूचना दी कि व्हाट्स एप कॉल के जरिए किसी ने सऊदी अरब में रह रहे उनके भाई को गिरफ्तार करने की धमकी दी थी। क्यूआर कोड भेजकर उनसे 94 हजार 500 रूपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बिहार के पूर्णिया जिले में महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 94 हजार 500 रूपये ठगने वाले तीन शातिर साइबर फ्राड को साइबर थाना की टीम ने गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही डिजिटल अरेस्ट करने वाले फ्रॉड के इस गिरोह का खुलासा भी किया गया है। आरोपियों की पहचान मुजफ्फरपुर के अरविन्द कुमार, पटना के गुड्डू कुमार और नालंदा के आदित्य सिंह के रूप में की गई है। 24 जुलाई को साइबर थाना को रूकमणी कुमारी ने एक लिखित सूचना दी कि व्हाट्स एप कॉल के जरिए किसी ने सऊदी अरब में रह रहे उनके भाई को गिरफ्तार करने की धमकी दी थी। क्यूआर कोड भेजकर उनसे 94 हजार 500 रूपये ठग लिए।
पीड़िता को साइबर ठगी का शिकार बनने की कहानी तब मालूम हुई, जब उन्होंने अपने भाई से बात की। साइबर थाना में मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने एनसीआरपी पर दर्ज शिकायत का अवलोकन किया तो पता चला कि पीड़िता का पैसा पटना के इंडियन बैंक के खाता पर गया है, जिसे एटीएम के द्वारा पटना में ही निकासी गई है।
संबंधित बैंक से डिटेल की मांग करने एवं तकनीकी अनुसंधान के क्रम में पुलिस को जानकारी मिली कि खाता गिरफ्तार अरविन्द कुमार के नाम से संचालित है। पुलिस ने अरविन्द एवं राणा आदित्य के ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पासबुक, एटीएम कार्ड, साइबर फ्राड से जुड़ी डायरी एवं विभिन्न दस्तावेज जब्त कर लिया। अरविन्द कुमार की निशानदेही पर गिरोह के सरगना गुड्डू कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इसके भी घर से भारी मात्रा पासबुक आदि बरामद कर लिया।
एसपी स्वीटी सहरावत ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि डिजिटल अरेस्ट में गिरोह के सदस्य कई लेयरों में काम कर रहे हैं।एक लेयर लोगों को प्रलोभन देकर उससे बैंक खाता खुलवाते हैं, जिसमें साइबर फ्राड के रूपये मंगाए जाते हैं। इन खातों का संचालन साइबर फ्राड गैंग के सदस्य करते हैं। इस लेयर के सदस्य बैंक खाता खुलवाने के बाद अपने के ऊपर के लेयर को ट्रांसफर कर देते थे। धराए आरोपी इसी लेयर में काम करते हैं। गुड्डू इस लेयर में मुख्य भूमिका अदा कर रहा था।
एक लेयर के सदस्य लोगों से सम्पर्क साधन कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर उनसे ठगी करते हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को पहचान कर रही है। फिलहाल आरोपी के पास से पुलिस ने विभिन्न बैंकों के खाते सहित कई दस्तावेज बरामद किए हैं। इसमें पुलिस को एक नोट मिला है। जिसमें किसे कितना दिया जाना है, इसके लेखा- जोखा का उल्लेख है।
कैसे रहे सतर्क?
व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए साइबर फ्रॉड खुद को पुलिस बताकर आपके सगे- संबंधियों की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं। एसपी स्वीटी सहरावत ने लोगों से ऐसे कॉल की तुरंत सूचना नजदीकी थाना को देने की अपील की है। साइबर अपराधी ऐसे फर्जी कॉल के लिए लोगों को चिन्हित करते हैं और अचानक उन्हें कॉल कर ठगने का प्रयास करते हैं। घबराने की बजाय होशियारी से काम लेना चाहिए और अगर फ्राड के झांसे में आकर ठगी के शिकार हो जाते हैं तो तत्काल इसकी शिकायत एनसीआरपी के नंबर 1930 पर दर्ज कराते हुए साइबर थाना में मामला दर्ज कराना चाहिए। 1930 पर शिकायत दर्ज करने से जिस खाते में रूपये गए हैं, उसे फ्रीज कर दिया जाता है।




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