Cyber fraud of Muzaffarpur Abhishek connection Lawrence vishnoi gang commit fraud through ghost account लॉरेंस बिश्नोई गैंग से साइबर फ्रॉड अभिषेक का कनेक्शन? घोस्ट एकाउंट से करता था ठगी, Bihar Hindi News - Hindustan
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से साइबर फ्रॉड अभिषेक का कनेक्शन? घोस्ट एकाउंट से करता था ठगी

अभिषेक के परिवार का स्टेटस और शिक्षा इस स्तर की नहीं है कि वह इतने संगठित रूप से साइबर अपराध को अंजाम दे सके। अभिषेक के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की आशंका है।

Sun, 15 June 2025 11:46 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर, प्रसं
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से साइबर फ्रॉड अभिषेक का कनेक्शन? घोस्ट एकाउंट से करता था ठगी

मुजफ्फरपुर के साहेबगंज के छोटे से गांव मीनापुर से देश भर में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे शातिर अभिषेक के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की आशंका है। वह अलग-अलग देशों के मोबाइल नंबरों से साइबर ठगी कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से बड़े रैकेट का राज खुलने की संभावना है। पुलिस की छापेमारी जारी है। टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया के जरिये अभिषेक शिकार को तलाशता और फांसता था। संगठित रूप से उसने ठगी का नेटवर्क बनाया था। यह अकेले अभिषेक या उसके परिवार के लोगों के द्वारा संभव नहीं है।

पुलिस को आशंका है कि इसमें लॉरेंस गैंग के जरिये उसे मोबाइल नंबर मुहैया कराया गया होगा। इस बिंदु पर पुलिस छानबीन कर रही है। हालांकि, अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद ही हकीकत सामने आएगी। राजेपुर थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अभिषेक के परिवार का स्टेटस और शिक्षा इस स्तर की नहीं है कि वह इतने संगठित रूप से साइबर अपराध को अंजाम दे सके। उसके पास से मिले वाईफाई, जब्त मोबाइल के व्हाट्सएप कॉलिंग व चैट, टेलीग्राम ऐप से जुड़े नंबरों के संबंध में पुलिस छानबीन कर रही है। वह ठगी के लिए वाईफाई के जरिये वीपीएन कॉलिंग करता था। इसमें मोबाइल कॉलिंग ऐप से विदेशी नंबर का इस्तेमाल होता है।

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फरार अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

लॉरेंस बश्नोई गैंग ने उत्तर बिहार में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया है। इसके लिए स्थानीय युवकों के छद्म नाम से घोस्ट एकाउंट भी खोले गए हैं। साहेबगंज थाना के राजेपुर ओपी की पुलिस फरार अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उसके करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है। जेल भेजे गए अभिषेक के भाई विकास से पूछताछ में पुलिस को ठगी के मोडस के संबंध में ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। अभिषेक ही इस मामले में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि संगठित रूप से की जा रही साइबर ठगी में बड़े गैंग की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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कोर्ट के नोटिस पर ही सहयोग करेगी कंपनी

अभिषेक के ठिकाने से जब्त नोटों से भरे डिजिटल लॉकर को खोलने से निर्माण कंपनी ने हाथ खड़े कर दिये हैं। ग्रामीण एसपी विद्या सागर ने बताया कि कंपनी से पुलिस ने सहयोग के लिए संपर्क किया था, लेकिन कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोर्ट से नोटिस मिलने पर वह लॉकर को खोलेंगे। राजेपुर ओपी की पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी है। जब्त लॉकर में फिंगर प्रिंट से डिजिटल लॉक लगा है। जिसे ऐसे खोलना संभव नहीं है। गैस कटर से लॉकर को काटने में उसके अंदर रखे नोट जल सकते हैं। इसलिए कोर्ट से नोटिस जारी करवा कर कंपनी के प्रतिनिधियों से इसे खोलवाया जायेगा।

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