बिहार में 'पार्सल' के नाम पर मोबाइल हैक कर रहे ठग, एक कॉल करते ही खाली हो जाएगा आपका बैंक खाता
बिहार के अररिया में कूरियर और डॉक्यूमेंट डिलीवरी के नाम पर साइबर स्कैम बढ़ा है। ठग एक नंबर डायल करवाकर कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए पीड़ित का व्हाट्सएप हैक कर लेते हैं और फिर रिश्तेदारों से पैसों की मांग करते हैं। पुलिस ने लोगों को 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' चालू रखने और अनजान लिंक्स…

Cyber Fraud News: बिहार के अररिया जिले सहित आसपास के इलाकों में इन दिनों 'कूरियर डिलीवरी स्कैम' तेजी से पैर पसार रहा है। साइबर ठगों का यह नया गिरोह अब सीधे ओटीपी (OTP) नहीं मांगता, बल्कि एक साधारण कॉल के जरिए आपके पूरे मोबाइल और व्हाट्सएप का एक्सेस हासिल कर लेता है। इस स्कैम की चपेट में जयप्रकाश नगर के रंजन ऋषिदेव और ब्रजनंदन ऋषिदेव जैसे कई लोग आ चुके हैं।
कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
इस स्कैम की शुरुआत एक अनजान कॉल या मैसेज से होती है। ठग खुद को नामी कूरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय बताता है और कहता है कि आपका एक 'जरूरी सरकारी डॉक्यूमेंट' या पार्सल आया है, लेकिन एड्रेस अधूरा होने के कारण वह घर नहीं पहुँच पा रहा है। पीड़ित को झांसे में लेने के लिए ठग एक मोबाइल नंबर देता है और कहता है कि इस पर कॉल करके अपनी लोकेशन बता दें। खतरा यहीं से शुरू होता है। जैसे ही पीड़ित उस नंबर को डायल करता है, उसके मोबाइल पर 'कॉल फॉरवर्डिंग' एक्टिवेट हो जाती है। इसके बाद पीड़ित के सारे कॉल्स और एसएमएस (SMS) सीधे ठग के पास पहुँचने लगते हैं।
व्हाट्सएप हैकिंग और पैसों की डिमांड
साइबर थाना के इंस्पेक्टर नितेश कुमार ने बताया कि कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ठग पीड़ित के व्हाट्सएप का वेरिफिकेशन कोड अपने पास मंगा लेते हैं। एक बार व्हाट्सएप हैक होने के बाद, ठग पीड़ित के कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद दोस्तों और रिश्तेदारों को इमरजेंसी (जैसे एक्सीडेंट या अस्पताल का खर्चा) का बहाना बनाकर मैसेज भेजते हैं और उनसे पैसों की मांग करते हैं। रंजन ऋषिदेव के केस में भी ठगों ने उनके रिश्तेदारों से इसी तरह रुपयों की मांग की।
साइबर पुलिस ने किया सचेत
साइबर पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए इस डिजिटल जाल से बचने के लिए सतर्कता बरतने की विशेष अपील की है। पुलिस के अनुसार, यदि कोई कूरियर या डिलीवरी बॉय आपको किसी विशेष नंबर को डायल करने के लिए कहे, तो उस पर भूलकर भी कॉल न करें क्योंकि यह हैकिंग का जरिया हो सकता है।
सुरक्षा के लिहाज से अपने व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' को हमेशा चालू रखें, जो हैकिंग के खिलाफ एक मजबूत कवच का काम करता है। इसके अलावा, चाहे कोई भी व्यक्ति बैंक कर्मचारी या कूरियर बॉय बनकर कॉल करे, उसे कभी भी अपना ओटीपी, पिन, पासवर्ड या कोई अन्य निजी जानकारी साझा न करें। यदि आप किसी भी तरह की ठगी के शिकार होते हैं या आपको संदेह होता है, तो बिना देरी किए नेशनल साइबर पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराएं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।




साइन इन