ai patrols bihar streets 700 intersections under high tech surveillance e challans issued automatically बिहार में सड़कों पर AI का पहरा, 700 चौराहों की होगी हाई-टेक निगरानी; नियम तोड़ते ही अपने आप कटेगा ई-चालान, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार में सड़कों पर AI का पहरा, 700 चौराहों की होगी हाई-टेक निगरानी; नियम तोड़ते ही अपने आप कटेगा ई-चालान

बिहार परिवहन विभाग राज्य के 700 जोखिम वाले चौराहों पर AI आधारित 'इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) लगाने जा रहा है। यह सिस्टम ऑटोमैटिक ई-चालान, तेज रफ्तार पर लगाम और स्मार्ट सिग्नल कंट्रोल के जरिए दुर्घटनाएं कम करेगा। इस संबंध में 28 अप्रैल को विकास…

Fri, 24 April 2026 11:56 AMJayendra Pandey हिन्दुस्तान, पटना, हिंदुस्तान ब्यूरो
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बिहार में सड़कों पर AI का पहरा, 700 चौराहों की होगी हाई-टेक निगरानी; नियम तोड़ते ही अपने आप कटेगा ई-चालान

AI Technology Challan In Bihar: बिहार की सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए बिहार राज्य सरकार ने बड़ी तैयारी कर ली है। परिवहन विभाग राज्य के लगभग 500 से 700 महत्वपूर्ण चौराहों और उच्च जोखिम वाले कॉरिडोर पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाने जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब सड़कों पर पुलिस रहे न रहे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमों पर नजर रखेगी। यह सिस्टम ऑटोमैटिक ई-चालान, तेज रफ्तार पर लगाम और स्मार्ट सिग्नल कंट्रोल के जरिए दुर्घटनाएं कम करेगा।

तेज रफ्तार पर लगेगा ब्रेक

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने बताया कि इस सिस्टम के लागू होने से न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। ITMS सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए 'काल' साबित होगा जो तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं या रेड लाइट जंप करते हैं। सचिव ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क पार करते समय पूरी सतर्कता बरतें और पैदल यात्रियों के लिए बने फुट ओवरब्रिज का ही उपयोग करें।

क्या है ITMS और कैसे करेगा काम?

इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) असल में एक एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम है, जो ट्रैफिक कैमरों, अत्याधुनिक सेंसरों और डेटा विश्लेषण की मदद से काम करता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसके स्मार्ट सिग्नल हैं, जो सड़क पर वाहनों की भीड़ को रीयल-टाइम में भांपकर सिग्नल को खुद-ब-खुद एडजस्ट कर देते हैं, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही, यह ऑटोमैटिक ई-चालान काटने में भी सक्षम है, यानी अगर कोई बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, रेड लाइट पार करने या तेज गति से वाहन चलाने जैसी गलती करता है, तो कैमरा खुद गाड़ी को स्कैन कर सीधे मालिक के मोबाइल पर चालान भेज देगा।

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इसके अलावा, इसमें चेहरे की पहचान (AFR) प्रणाली भी शामिल है, जिससे अपराधियों और नियम तोड़ने वालों को ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा। यह सिस्टम केवल ट्रैफिक तक सीमित नहीं रहेगा। राजमार्गों और टोल प्लाजा पर इसके जरिए ई-वे बिल का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, रेत-गिट्टी ले जाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग और निगरानी भी इसके माध्यम से प्रभावी तरीके से संभव हो सकेगी, जिससे अवैध खनन पर पूरी तरीके से लगाम लगाया जाएगा।

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