बिहार के रेल यात्रियों की मौज, स्पेशल ट्रेनें अब होंगी रेगुलर; खत्म होगा एक्स्ट्रा किराया
रेलवे बोर्ड ने मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने का निर्णय लिया है। इससे ट्रेनों का किराया कम होगा और यात्रियों को 60 दिन पहले रिजर्वेशन कराने की सुविधा मिलेगी। बरौनी-नई दिल्ली और दरभंगा-नई दिल्ली जैसी प्रमुख ट्रेनें अब सामान्य रूप से चलेंगी, जिससे आम यात्रियों…

Bihar News: उत्तर बिहार और मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले रेल यात्रियों के लिए रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब तक 'स्पेशल' के नाम पर चल रही ट्रेनों को नियमित करने की हरी झंडी दे दी गई है। इस निर्णय के बाद न केवल ट्रेनों का किराया कम हो जाएगा, बल्कि यात्रियों को सीटों की बुकिंग के लिए अब लंबा समय भी मिलेगा। रेलवे बोर्ड के इस फैसले से मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को नियमित किया जा रहा है। अब तक 'स्पेशल ट्रेन' होने के कारण इन ट्रेनों में यात्रियों को अतिरिक्त किराया देना पड़ता था। अब नियमित होने के बाद इनका किराया सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के बराबर हो जाएगा। इसके अलावा, ट्रेनों के नंबर के आगे से 'शून्य' हटा लिया जाएगा, जिससे इनके परिचालन और पहचान में आसानी होगी।
अब 15 नहीं, 60 दिन पहले करा सकेंगे बुकिंग
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत रिजर्वेशन को लेकर है। वर्तमान में चल रही स्पेशल ट्रेनों में सीट आरक्षित करने के लिए केवल 15 दिन का समय मिलता था, जिससे अचानक यात्रा करने वालों को बड़ी दिक्कत होती थी। अब नियमित होने के बाद यात्री इन ट्रेनों में 60 दिन पहले अपनी सीट बुक करवा सकेंगे। बोर्ड के निर्देश पर जोनल स्तर पर इसकी तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है।
इन ट्रेनों को मिल सकती है प्राथमिकता
रेलवे सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरपुर और आसपास के रूटों पर चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें जैसे: बरौनी-नई दिल्ली एक्सप्रेस, दरभंगा-नई दिल्ली एक्सप्रेस, भागलपुर-गांधीधाम एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को आधुनिक 'अमृत भारत एक्सप्रेस' की रैक लगाकर चलाने की भी योजना है, जिससे यात्रा और भी आरामदायक हो जाएगी।
सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
रेलवे केवल ट्रेनों को नियमित ही नहीं कर रहा, बल्कि यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कोचों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। इससे वेटिंग लिस्ट की समस्या कम होगी और अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सकेगी। रेलवे का लक्ष्य है कि रूट बनाने की पुरानी समस्या को खत्म कर यात्रियों को सुलभ और सस्ती यात्रा का अनुभव कराया जाए।




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