एक उपेंद्र कुशवाहा के करीबी तो एक JDU से आए, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस MLA पर सबकी नजर
Rajyasabha Chunav 2026: कांग्रेस के छह विधायकों में से एक रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के करीबी हैं। वहीं, एक अन्य विधायक जदयू से आए हुए हैं। शेष बचे चार में से तीन नए हैं। अभी तक पार्टी विधायक दल नेता और सचेतक का भी चुनाव नहीं कर पाई है।
Rajyasabha Chunav 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए आज वोट डाले जाएंगे। 5 सीटों के लिए मैदान में ताल ठोक रहे 6 उम्मीदवारों की किस्तम का आज फैसला होगा। इस बीच सबकी निगाहें कांग्रेस विधायकों पर टिकी हुई हैं। कांग्रेस के छह विधायकों में से एक रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के करीबी हैं। वहीं, एक अन्य विधायक जदयू से आए हुए हैं। शेष बचे चार में से तीन नए हैं। अभी तक पार्टी विधायक दल नेता और सचेतक का भी चुनाव नहीं कर पाई है।
विधानसभा में बिना नेतृत्व के ही विधायक चुनाव में भाग लेंगे। ऐसे में एनडीए खेमा की नजर इन सभी पर है। हालांकि, रविवार देर रात तक सभी विधायकों होटल नहीं पहुंचने पर कयासों का दौर भी शुरू हो गया। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं। महागठबंधन प्रत्याशी की जीत होगी।
महागठबंधन ने विधायकों को होटल में रखा
राज्यसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए महागठबंधन के विधायक रविवार की दोपहर शहर के एक होटल में जमा हो गए। सूत्रों के अनुसार होटल में राजद से एक और कांग्रेस के तीन विधायक शाम तक नहीं पहुंचे थे। हालांकि, प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने एआईएमआईएम और बसपा को मिलाकर 41 विधायकों के होने का दावा किया।
पार्टी नेताओं के अनुसार राजद, कांग्रेस, वामदल और आईआईपी के साथ ही बसपा और एआईएमआईएम के विधायकों से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव लगातार संपर्क में रहे। होटल में देर रात तक भी तेजस्वी विधायकों से बातचीत करते रहे ताकि किसी भी तरह की टूट न हो सके।
तेजस्वी की नजर उम्मीदवार की जेब पर : प्रमोद
इधर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से पहले बिहार के सहकारिता मंत्री और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमोद चन्द्रवंशी ने दावा किया है कि एनडीए बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल करेगा। आरोप लगाया है कि राजद नेता तेजस्वी यादव के पास जरूरी समर्थन नहीं है, उनकी नजर उनके उम्मीदवार की जेब पर है। डॉ. चन्द्रवंशी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि महागठबंधन के विधायकों को पता है कि उनके पास जरूरी समर्थन नहीं है, इसलिए वे अपना वोट बर्बाद करने की बजाय एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे।




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