बिहार में रोजगार और महिलाओं का विकास, नालंदा को 810 करोड़ की सौगात देकर क्या बोले नीतीश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शुरू से ही “सात निश्चय” के संकल्प के साथ काम कर रही है। जब इस योजना की शुरुआत की गई थी, तब लक्ष्य था कि हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएं। आज हर घर नल का जल योजना के तहत गांव-गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा पर गुरुवार को नालंदा पहुंचें। बिहारशरीफ प्रखंड के दीपनगर स्टेडियम में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आयोजित जनसभा में विकास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं का व्यापक खाका सामने आया। दीपनगर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 810 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, इसके पहले भराव पर ऊपरी पुल (फ्लाईओवर) का उद्घाटन किया । इसके बाद उन्होंने कोसुक गांव के समीप पंचाने नदी पर विकसित किए जा रहे तट विकास (रिवर फ्रंट) परियोजना का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समय सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शुरू से ही “सात निश्चय” के संकल्प के साथ काम कर रही है। जब इस योजना की शुरुआत की गई थी, तब लक्ष्य था कि हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएं। आज हर घर नल का जल योजना के तहत गांव-गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। गली-नाली पक्कीकरण, शौचालय निर्माण और स्वच्छता अभियान के जरिए ग्रामीण जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ योजना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव लाने का अभियान है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले बिहार के कई गांव अंधेरे में डूबे रहते थे, लेकिन आज हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है। सौर ऊर्जा यानी सोलर लाइट को बढ़ावा देकर सरकार बिजली की समस्या को स्थायी रूप से हल करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है।
युवाओं के रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने अब तक करीब 50 लाख युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल विकास, लघु उद्योग, स्वयं सहायता समूह और अन्य योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। अन्य जिलों में दिए गए अपने भाषणों की तरह उन्होंने यहां भी दोहराया कि आने वाले समय में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है और इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
सरकार का उद्देश्य सिर्फ नौकरी देना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जहां युवा खुद रोजगार सृजित कर सकें। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, आर्थिक सहायता और उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा अब बदल रहा है और वह अपने दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल और शहरी विकास की योजनाएं राज्य के हर जिले में तेजी से लागू की जा रही हैं। भराव फ्लाईओवर और पंचाने नदी तट विकास परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नालंदा ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं आने वाले समय में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देंगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण का जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। यह मॉडल भी उन्होंने अन्य जिलों में अपने भाषणों में प्रमुखता से रखा है।
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब समाज में शांति और भाईचारा बना रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और विकास कार्यों में सहयोग करें।
मौके पर प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी , ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार , सांसद कौशलेंद्र कुमार , विधायक , हरि नारायण सिंह, डॉ सुनील कुमार , कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया , कौशल किशोर , डॉ जितेंद्र कुमार , रूहेल रंजन, विधान पार्षद नीरज कुमार, सचिव कुमार रवि के अलावा नालंदा के डीएम कुंदन कुमार एसपी भारत सोनी मौजूद थे।




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