बिहार में रंजू देवी का नाम कटने का दावा झूठा, राहुल गांधी से मिली थीं; खुद सच बताया
रंजू देवी ने बताया कि उनके वार्ड सचिव ने कहा था कि उनका और उनके परिवार के लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। राहुल गांधी यात्रा पर आए हैं, उनसे मिलकर इस बारे में बताओ, इसके बाद ही वो राहुल से जाकर मिलीं और अपना पक्ष रखा था।

बिहार में वोटर अधिकार यात्रा पर निकले राहुल गांधी से मिलकर वोटर लिस्ट से नाम कटने का दावा करने वाली रोहतास के नौहट्टा की चपला गांव की रंजू देवी का दावा झूठा साबित हुआ है। जिसका सच भी खुद उन्होने ही बताया है। दरअसल राहुल की यात्रा के दौरान रंजू देवी उनसे मिली थीं। ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायत की थी। उन्होने कहा था कि उनके परिवार के 5-6 लोगों का पहले वोटर लिस्ट में नाम था, लेकिन नई लिस्ट में नाम नहीं हैं। राहुल गांधी शिकायत वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। अब उन्ही रंजू देवी ने बताया कि वार्ड सचिव ने उनसे ऐसा बोलने को कहा था।
रंजू देवी ने कहा उनके वार्ड सचिव ने कहा था कि उनका और उनके परिवार के लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है। राहुल गांधी यात्रा पर आए हैं, उनसे मिलकर इस बारे में बताओ, इसके बाद ही वो राहुल से जाकर मिलीं और अपना पक्ष रखा। लेकिन जब खुद उन्होने पोलिंग बूथ जाकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट देखी, तो उसमें पाया कि उनका और उनके परिजनों का नाम लिस्ट में है। उन्होने ये भी माना कि वार्ड सचिव के कहने पर उन्होने नाम नहीं होने की शिकायत की थी।
आपको बता दें एसआईआर को लेकर बिहार से दिल्ली तक सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस केंद्र पर वोट चोरी का आरोप लगा रही है। भाजपा और चुनाव आयोग की सांठगांठ की बात राहुल गांधी कह रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार का कहना है एसआईआर एक पारदर्शी प्रक्रिया है। चुनाव आयोग ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया था। राहुल गांधी के आरोपों पर शपथपत्र देने को कहा था। लेकिन रंजू देवी के मामले ने विपक्ष के दावे को कमजोर जरूर किया है




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