पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में बवाल, मीटिंग छोड़ निकले अधिकारी; मेयर के बेटे ने गाली-गलौज किया
जांच के दायरे में आए तीन एजेंडों को लेकर नगर आयुक्त और महापौर आमने-सामने आ गए। आरोप- प्रत्यारोप के बीच अफसरों ने विरोध किया और बैठक का बहिष्कार कर वहां से निकल गए।

पटना नगर निगम बोर्ड की शुक्रवार को हुई नौवीं साधारण बैठक विवादों में घिर गई है। जांच के दायरे में आए तीन एजेंडों को लेकर नगर आयुक्त और महापौर आमने-सामने आ गए। आरोप- प्रत्यारोप के बीच अफसरों ने विरोध किया और बैठक का बहिष्कार कर वहां से निकल गए। बैठक में मेयर सीता साहू के बेटे की मौजूदगी से स्थिति और असहज हो गई। मेयर पुत्र शिशिर और वार्ड पार्षदों के बीच गाली-गलौज हुई।
गांधी मैदान के पास एक होटल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महापौर सीता साहू ने की। बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विवाद की वजह उन तीन प्रस्तावों को संपुष्टि के लिए लाया जाना था, जिनपर नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से गठित समिति जांच कर रही है।
जांच के दायरे में आए प्रस्ताव पास कराना गैर कानूनी: नगर आयुक्त
आयुक्त ने यह कहते हुए अधिकारियों के साथ बैठक का बहिष्कार कर चले गए कि इसके संलेख में तीनों प्रस्ताव विषयांतर हैं। विभाग की ओर से इन पर जांच चल रही है। प्रस्ताव संख्या 123 ए, 124 ए और 125 को छोड़कर संपुष्टि पर चर्चा की जाए, चूंकि प्रासंगिक पत्र के माध्यम वर्णित प्रस्ताव पर विभाग द्वारा किसी भी प्रकार के निर्णय लिए जाने से रोक लगाई गई है। महापौर और सशक्त स्थायी समिति के सदस्य एवं कुछ वार्ड पार्षदों के साथ मिल प्रस्ताव पर विभाग द्वारा किसी भी प्रकार के निर्णय लिए जाने की रोक बावजूद संपुष्ट करने का प्रयास किया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि इसे पास करना गैर कानूनी है। तीनों प्रस्ताव के अलावा अन्य विकास कार्यों के मुद्दे को पास करने के बात हमने कही, लेकिन महापौर जांच के दायरे में आए तीनों प्रस्ताव को पास करने का दबाव बना रही थी। इसलिए बाहर निकल गए।
12 एजेंडे बहुमत से हुए पास : महापौर
बैठक से नगर आयुक्त समेत सभी पदाधिकारियों और विरोधी पार्षदों के बहिष्कार के बाद महापौर, उपमहापौर, सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और महापौर के समर्थक पार्षदों ने बैठक कर तीनों प्रस्ताव समेत 12 एजेंडों की संपुष्टि करने का दावा किया। महापौर सीता साहू ने कहा कि 8वीं साधारण बैठक के प्रस्तावों को 25 जून की बोर्ड बैठक में संपुष्टि करना था, लेकिन बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। 11 जुलाई को आयोजित निगम बोर्ड की बैठक में संपुष्टि के लिए प्रस्ताव 123, 124 और 125 लाया गया और इसकी संपुष्टि भी करा ली गई।
महापौर ने कहा कि हमारे पास पार्षदों का बहुमत है, इसलिए सभी प्रस्ताव पास करा लिए गए। तीनों प्रस्ताव समेत नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति योजना और उच्च क्षमता के बोरिंग लगाने की योजना को पास किया गया। कहा कि जलापूर्ति योजना लंबित है। नगर आयुक्त राशि नहीं भेज रहे हैं। आयुक्त का दोहरा रवैया नहीं चलेगा। सदस्य विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त द्वारा बहिष्कार लोकतंत्र का मजाक है। सदन बहुमत से चलता है, न कि गुटबाजी से। तीनों प्रस्ताव पर 61 पार्षद एकमत थे, तब कुछ विरोधी पार्षद का समर्थन कर नगर आयुक्त बैठक से चले गए।
मेयर पुत्र और पार्षद के बीच हुई गाली-गलौज
बोर्ड की बैठक में पार्षद विनय कुमार पप्पू, आशीष कुमार सिन्हा, इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी के साथ महापौर के पुत्र शिशिर कुमार की तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि बैठक का बहिष्कार कर जब पार्षद जाने लगे तभी वार्ड 28 के पार्षद विनय कुमार पप्पु और मेयर पुत्र शिशिर के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। यहां तक की दोनों की बीच गाली-गलौज हुई और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। हालांकि कुछ लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। कुछ देर के लिए बैठक स्थल के पास अफरातफरी का माहौल हो गया।




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