एंबुलेंस में 4 लोग थे, बोधगया में गैंगरेप पीड़िता होमगार्ड अभ्यर्थी का दावा; पुलिस बोली- 2 के ही सबूत मिले
गैंगरेप पीड़िता ने एंबुलेंस में चार लोगों के होने की बात पुलिस को बताई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस का कहना कि एंबुलेंस पर दो ही लोगों के होने का साक्ष्य मिला है।

बिहार के बोधगया में एक एंबुलेंस के अंदर गैंगरेप की शिकार हुई पीड़िता ने दावा किया है कि एंबुलेंस के अंदर 4 लोग थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि एंबुलेंस में सिर्फ 2 लोगों के होने के ही सबूत मिले हैं। गया जी के बोधगया थाना क्षेत्र में बीएमपी-17 में होमगार्ड की बहाली प्रक्रिया के दौरान आई अभ्यर्थी के साथ दुराचार मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपितों को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को पीड़िता के आरोप के बाद पुलिस ने एंबुलेंस चालक विनय कुमार और टेक्नीशियन अजित कुमार को दो घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया था।
पीड़िता का आरोप एंबुलेंस में चार लोग थे मौजूद
पीड़िता ने एंबुलेंस में चार लोगों के होने की बात पुलिस को बताई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस का कहना कि एंबुलेंस पर दो ही लोगों के होने का साक्ष्य मिला है। शनिवार की शाम सूत्रों से जानकारी मिली कि पीड़िता बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल से बिना बताए निजी अस्पताल में चली गई है।
अभ्यर्थियों को पहुंचाने वाली एंबुलेंस में नहीं थी महिला कर्मी
यह मामला गुरुवार का है। जब बीएमपी-17 बोधगया में होमगार्ड बहाली में शामिल होने आई युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसके बाद उसे एंबुलेंस से मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में युवती ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस के चालक और टेक्नीशियन ने उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बोधगया थाने में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस घटना से महिला सुरक्षा पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला अभ्यर्थियों को लाने-ले जाने वाली एंबुलेंस में महिला कर्मी क्यों नहीं थी? बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एफएसएल की टीम जांच के लिए साक्ष्य इकट्ठा की है।




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