भाजपा के एक मंत्री ने 3 साल पहले ही लगवाया था नारा- बिहार का सीएम कैसा हो, सम्राट चौधरी जैसा हो
Samrat Choudhary News: बिहार में भाजपा के पहले लेकिन राज्य के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए सरकार की बागडोर संभाल ली है। भाजपा के एक नेता ने तीन साल पहले ही नारा लगवाया था- बिहार का सीएम कैसा हो, सम्राट चौधरी जैसा हो।

Samrat Choudhary News: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले और राज्य के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ शपथ लेने के बाद राज्य की बागडोर अपने हाथों में ले ली है। शपथ के बाद सम्राट चौधरी सीधे राज्य सचिवालय पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम की कुर्सी संभाली। सचिवालय में नए सीएम ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों के साथ बैठक की। सम्राट यह सब करने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय गए, जहां नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए जुटे थे। भाजपा कार्यालय में बुलडोजर बाबा जैसे नारे लगे, लेकिन आप भूल गए होंगे कि तीन साल पहले ही भाजपा के एक बड़े नेता ने ‘बिहार का नेता कैसा हो, सम्राट चौधरी जैसा हो’ का नारा लगवा दिया था। उसी साल सम्राट चौधरी बिहार बीजेपी के अध्यक्ष बने थे।
तारीख थी 2 मई 2023। जगह था बेगूसराय का दिनकर भवन सभागार। मौका था सम्राट चौधरी के अभिनंदन का। राज्य में तब नीतीश कुमार महागठबंधन की सरकार चला रहे थे। नीतीश को लेकर हमेशा आक्रामक राजनीति करते रहे गिरिराज सिंह भाषण करने आए तो कहने लगे कि बिहार में परिवर्तन की लड़ाई है और बिहार को योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री चाहिए। गिरिराज बोले कि बिहार को सबका साथ, सबका विकास मॉडल पर सरकार चलाने वाला चाहिए। यह कहने के बाद गिरिराज ने कहा कि बिहार में अब नया नारा चल रहा है और फिर आधा नारा उछाल दिया- ‘बिहार का नेता कैसा हो’, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जवाबी नारा दिया- ‘सम्राट चौधरी जैसा हो’। सम्राट चौधरी को लेकर भाजपा के किसी बड़े नेता द्वारा ऐसा नारा पहली बार लगवाया गया था। तब इसकी काफी चर्चा हुई थी।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद भाजपा ने सम्राट को मुख्यमंत्री बनाया है। लेकिन, संयोग देखिए कि इसका राजनीतिक अनुमान सम्राट चौधरी को 2023 में तभी हो गया था, जब वो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने थे। 13 अप्रैल 2023 को अपने एक अभिनंदन समारोह में सम्राट ने कहा था- ‘लव-कुश समाज को मैं जरूर गारंटी देना चाहता हूं कि एक व्यक्ति अगर आपके बीच से राजनीतिक तौर पर जाएगा, तो कोई दूसरा व्यक्ति सत्ता में नहीं बैठेगा। कोई लव-कुश समाज का ही सत्ता में बैठने का काम करेगा।’ 15 अप्रैल को नीतीश के बाद जब सम्राट सीएम बने, तो तीन साल पुरानी उनकी बात सोलह आने सच साबित हुई।
नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी ने समता पार्टी के जमाने में कुर्मी-कोइरी एकता के लिए ‘लव-कुश’ की राजनीति की नींव रखी थी। नीतीश लव के नेता से शुरू हुए, लेकिन अपने काम से अति पिछड़ों, महादलितों और महिलाओं के भी दुलारे बन गए। शकुनी चौधरी, फिर उपेंद्र कुशवाहा और अब सम्राट चौधरी कुश के नायक बनकर उभरे हैं।





साइन इन