बिहार में 33 लाख राशन कार्डधारियों के कटेंगे नाम, चार पहिया वाहन के मालिक भी ले रहे अनाज
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि वैसे लोग भी राशन कार्ड बनाये हुए हैं, जो जनवितरण प्रणाली से अनाज लेने के मानक में खरा नहीं उतरते हैं। इनमें कोई किसी कंपनी का निदेशक, कोई चार पहिया वाहन मालिक तो कई तीन-तीन महीने तक अनाज ही नहीं वाले हैं।

जन वितरण प्रणाली से जुड़े बिहार के 33 लाख 25 हजार राशन कार्डधारियों के नाम कटेंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नाम काटने वाली सूची में इन्हें शामिल किया है। इनमें से 4.70 लाख के नाम काटे भी जा चुके हैं। शेष के नाम काटने को लेकर जिलों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं। ये सभी 33 लाख कार्डधारी केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 57 लाख एक हजार 731 संदिग्धों की सूची में शामिल हैं।
जिला स्तर पर इनमें 51 लाख की जांच पूरी कर ली गई है। छह लाख की शीघ्र पूरी होगी। पदाधिकारी बताते हैं कि संदिग्ध सूची वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। लाभुकों के जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर उनके नाम हटाने वाली सूची में शामिल किये गये हैं। इसके बाद इनके नाम चरणवार काटे जा रहे हैं। केंद्र ने संदिग्धों की सूची में वैसे कार्डधारियों को शामिल किया था, जिनके पास चारपहिया है, बड़ी कंपनियों में निदेशक के पद पर है अथवा आयकर दाता हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि वैसे लोग भी राशन कार्ड बनाये हुए हैं, जो जनवितरण प्रणाली से अनाज लेने के मानक में खरा नहीं उतरते हैं। इनमें कोई किसी कंपनी का निदेशक, कोई चार पहिया वाहन मालिक तो कई तीन-तीन महीने तक अनाज ही नहीं वाले हैं। जांच कर जो अपात्र पाये जाते हैं, ऐसे राशन कार्डधारियों के नाम काटने की कार्रवाई चल रही है। इसके साथ ही नये-नये पात्र परिवारों के राशन कार्ड भी बनाये जा रहे हैं।
कई महीनों से राशन का नहीं किया उठाव
सूची में वैसे नाम भी शामिल हैं, जिनके द्वारा महीनों से राशन का उठाव जन वितरण प्रणाली के तहत नहीं किया गया है। मालूम हो कि राज्य में दो करोड़ नौ लाख परिवारों के पास राशन कार्ड हैं। इनमें लाभुकों की संख्या करीब साढ़े आठ करोड़ है।
सर्वाधिक 1.92 लाख नाम गयाजी जिले में कटेंगे
नाम काटने वालों की सूची में सर्वाधिक एक लाख 92 हजार कार्डधारी गया जिले के हैं। राज्य के 10 ऐसे जिले हैं, जहां नाम काटने वाली सूची में एक लाख से अधिक कार्डधारी शामिल हैं। पटना जिले में एक लाख 83 हजार. सीवान में एक लाख 82 हजार, पश्चिम चंपारण में एक लाख 35 हजार, भागलपुर में एक लाख 23 हजार, पूर्वी चंपारण में एक लाख 19 हजार, रोहतास में एक लाख 16 हजार, कटिहार में एक लााख 12 हजार, अररिया में एक लाख आठ हजार और मधुबनी में एक लाख तीन हजार नाम शामिल हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में दस हजार से 90 हजार कार्डधारियों के नाम सूची से हटाने वालों में शामिल किए गए हैं।




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