Bihar Weather: बिहार में अभी बारिश, तेज हवा और गरज का खतरा नहीं टला, इस दिन से फिर करवट बदलेगा मौसम
Bihar Weather: मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के साथ (मध्य छोभ मंडल में एक चक्रवर्ती सिस्टम बनती है जो नमी लाती है। इसके प्रभाव से बादल बनना, बारिश, तेज हवा, ओलावृष्टि होना शामिल हैं। यह उत्तर-पश्चिमी भाग से बिहार में प्रवेश करता है।
Bihar Weather: बिहार के अधिकतम तापमान में शनिवार के मुकाबले रविवार को 13.2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। राज्य का सबसे अधिक तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस अररिया के फारबिसगंज में दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। इस बीच एक बार फिर 26 मार्च से मौसम में बदलाव का पूर्वानुमान है। गरज-चमक संग बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा चलने की संभावता जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के साथ (मध्य छोभ मंडल में एक चक्रवर्ती सिस्टम बनती है जो नमी लाती है। इसके प्रभाव से बादल बनना, बारिश, तेज हवा, ओलावृष्टि होना शामिल हैं। यह उत्तर-पश्चिमी भाग से बिहार में प्रवेश करता है।
पूर्णिया में रहेगा बादलों का डेरा
रविवार को आसमान में दिनभर बादल छाए रहने के कारण धूप-छांव का दौर बना रहा। मौसम में ठंडक बढ़ने से दिन में भी लोगों को चादर और कंबल का सहारा लेना पड़ा। पिछले दो दिनों में 40 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भी करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि रविवार शाम तक तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रविवार को न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और पछुआ हवा 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रहेगी।
भागलपुर में धूप-छांव का दौर
रविवार को आंशिक बदरी के बीच सूरज आसमान में चमका तो पूरा दिन धूप-छांव के बीच गुजर गया। रविवार को अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बीते 24 घंटे में 19.7 मिमी बारिश हुई।
बीएयू, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे तो इस दौरान धूप-छांव के बीच दिन का पारा दो से ढाई डिग्री सेल्सियस तक उछल सकता है। मंगलवार से 26 मार्च के बीच दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होगी। वहीं 27 एवं 28 मार्च को धूल भरी आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है।
नवादा जिले में मौसम का हाल
बिहार के नवादा जिले में मौसम की बात करें तो कृषि मौसम वैज्ञानिक रौशन कुमार ने वर्तमान में सक्रिय प्रणालियों का विस्तृत विवरण साझा करते हुए बताया कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखा जाएगा। मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर 60°डिग्री पूर्व देशांतर और 35°डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। यह प्रणाली नमी लाने और बादलों की आवाजाही के लिए जिम्मेदार है। साथ ही, चक्रवाती परिसंचरण बनेगा। पूर्वी बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
इसके साथ ही, ऊपरी स्तरों (3.1 से 9.6 किमी) पर एक अन्य ट्रफ रेखा 90°डिगी पूर्व देशांतर और 24°डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है। इसके अलावा, उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम वर्तमान में मध्य भारत के ऊपर सक्रिय है। इसकी गति लगभग 85 नॉट है और यह 12.6 किमी की ऊंचाई पर प्रवाहित हो रही है, जो वायुमंडल की ऊपरी परतों में हलचल पैदा कर रही है। एक नया विक्षोभ 26 मार्च से बनेगा और यह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
तापमान का पूर्वानुमान, गर्मी देगी आहट
कृषि मौसम वैज्ञानिक रौशन कुमार ने आलेखीय अनुमान चित्रों के अनुसार बताया कि अगले 3-4 दिनों के दौरान जिले के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3-5°डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। न्यूनतम तापमान में भी 2-4°डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी देखी जाएगी। नवादा के लिए अनुमान है कि 25 मार्च तक अधिकतम पारा 36.4°डिग्री सेल्सिय तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21-22°डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
बिहार के 18 जिलों में जलवायु अनुकूल खेती का काम ठप
बिहार के किसान एक तरफ मौसम की मार से परेशान हैं। दूसरी तरफ सूबे के 18 जिलों में जलवायु अनुकूल खेती (सीआरए) का काम ठप है। वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद भी बिहार कृषि विवि से संबद्ध इन जिलों में अभी तक गांव का चयन भी नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को सीआरए के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और मदद नहीं मिल पा रही है।
इस समस्या का समाधान निकालने में कृषि विभाग भी असमर्थ है। कारण कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिकों और कर्मियों ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की ओर से दिए जा रहे कार्यों को करने से इनकार कर दिया है। केवीके केवल आईसीएआर का कार्य कर रहे हैं। इससे केवीके के वैज्ञानिकों और कर्मियों की लंबित मांग है। इसी कारण 16 से 18 मार्च के बीच किसान मेले में भाग लेने से 18 जिलों के किसान वंचित रह गए। मौसम के बदलते रुख को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2019 में आठ जिलों में जलवायु अनुकूल खेती कार्यक्रम शुरू किया था।




साइन इन