bihar to act tough on encroachment removal officials face action minister dilip jaiswal gives 15 day ultimatum बिहार में अतिक्रमण हटाने में ढिलाई बरती तो नपेंगे अफसर, राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार में अतिक्रमण हटाने में ढिलाई बरती तो नपेंगे अफसर, राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

Bihar News Today: बिहार के राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कार्यों की समीक्षा कर 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

Sun, 31 May 2026 08:46 AMJayendra Pandey हिन्दुस्तान, हिंदुस्तान ब्यूरो, पटना
share
बिहार में अतिक्रमण हटाने में ढिलाई बरती तो नपेंगे अफसर, राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

Bihar News Today: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों और अवैध कब्जों को लेकर सम्राट सरकार अब पूरी तरह से 'ऐक्शन मोड' में आ चुकी है। राज्यभर में सरकारी और निजी जमीनों से अतिक्रमण हटाने की सुस्त रफ्तार पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जमीन से जुड़े अतिक्रमण को हटाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निपटारा न करने वाले अफसरों पर सीधे गाज गिरेगी।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने दी खुली चेतावनी

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गया, जहानाबाद और औरंगाबाद जिले के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस हाई-लेवल बैठक के दौरान इन जिलों के जमीनी काम और पेंडिंग मामलों को देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों को पूरी गंभीरता से लें। मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि आम जनता से जुड़े इन संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने जनहित में तुरंत और निष्पक्ष निर्णय लेते हुए कानून के अनुरूप सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

15 दिन बाद फिर होगी बारी-बारी से समीक्षा

बैठक में मंत्री डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में तत्काल बड़ा सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी जिलों की ठीक 15 दिन बाद दोबारा बारी-बारी से गहन समीक्षा की जाएगी। इस अवधि के भीतर जिन जिलों में अधिकारियों के कार्यों में अपेक्षित सुधार या पेंडिंग मामलों में कमी नहीं मिलेगी, वे अधिकारी बड़ी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहें। सरकार की प्राथमिकता जनता को पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है और इस लक्ष्य में बाधा बनने वाले किसी भी कर्मचारी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

दाखिल-खारिज, परिमार्जन के लंबित मामलों कोनिपटाने का आदेश

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने केवल अतिक्रमण ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी बिंदुवार पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सरकारी भूमि की पुख्ता सुरक्षा, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, राजस्व महा-अभियान, लोक शिकायत, सहयोग शिविर तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए ताकि आम लोगों को अंचल कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में कहां आंधी-बारिश की चेतावनी, बादल भी छाएंगे; आगे कैसा रहेगा मौसम
ये भी पढ़ें:पटना के फ्लैट में चल रहा था दुबई का सट्टा रैकेट, 9 ठगों को बिहार पुलिस ने दबोचा
ये भी पढ़ें:बंगाल से भाग बिहार में घुसने की फिराक में बांग्लादेशी, नेपाल में भी पनाह नहीं
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।