बिहार के 'सम्राट' की अग्निपरीक्षा आज, एनडीए का बहुमत वाला समीकरण समझिए
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। आज यह सरकार सदन में विश्वास मत हासिल करेगी।

Samrat Government Floor Test: सम्राट सरकार आज विधानसभा में अपनी सरकार का विश्वास मत हासिल करेगी। इसके लिए आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें नई सरकार बहुमत साबित करेगी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विश्वासमत का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद इस पर वोटिंग होगी। फ्लोर टेस्ट को लेकर एनडीए के सभी विधायक बंगाल चुनाव से बिहार लौट गए हैं।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। सीएम सम्राट चौधरी ने दो उपमुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव के साथ शपथ ली थी। लिहाजा, नई सरकार को सदन में बहुमत साबित करना है। हालांकि सरकार को बहुमत साबित करने में कोई परेशानी नहीं है।
गुरुवार को डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने दावा किया कि सरकार को प्रचंड बहुमत हासिल है। विपक्ष कहीं है ही नहीं। फ्लोर टेस्ट महज एक औपचारिकता है। एनडीए के सदन में 201 विधायक हैं जो पार्टी के अनुसार इस प्रकार हैं-
बीजेपी-- 88
जदयू-- 85
लोजपा आरवी-- 190
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा-- 5
राष्ट्रीय लोक मोर्चा-- 4
दूसरी ओर महागठबंधन के मात्र 35 विधायक इस प्रकार हैं-
राजद-- 25
कांग्रेस-- 6
सीपीआई एमएल-- 2
सीपीआई एम-- 1
आईआईपी-- 1
गुरुवार को फ्लोर टेस्ट से पहले जदयू कार्यालय में प्रेस वार्ता बुलाई गई। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि एनडीए सरकार शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत साबित कर देगी। इस समय एनडीए के पास प्रचंड बहुमत है। लिहाजा किसी तरह की परेशानी नहीं है। वे गुरुवार को जदयू कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नयी सरकार नीतीश कुमार के बताये रास्ते पर ही चलेगी और उनके अधूरे कार्यो को पूरा करेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जनता से किए गए सारे वायदे पूरे होंगे। नयी सरकार का संकल्प भी यही है। सरकार नयी भले है लेकिन रास्ता पुराना ही है। क्योंकि जनता को नीतीश कुमार का रास्ता ही पसंद है। श्री चौधरी ने कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसे नीतीश कुमार का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में इसके स्थायित्व को लेकर कोई समस्या नहीं है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार का खजाना खाली होने की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। राजद शासनकाल में वित्त विभाग हमेशा लाल घेरे में रहता था, जबकि आज राज्य की वित्तीय व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ है।




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