ऑफिस लेट आना, समय से पहले घर जाना, नहीं चलेगा; सम्राट सरकार ने कर्मचारियों को कर दिया टाइट
बिहार में ऑफिस लेट आने और समय से पहले दफ्तर छोड़ने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। सम्राट सरकार ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार ऐक्शन में नजर आ रही है। ऑफिस देरी से आने और समय से पहले घर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सरकार से सख्त हिदायत मिली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के हवाले से राज्य सरकार के सभी विभागों और जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों के समय पर कार्यालय आने, ऑफिस टाइम में पूरे मनोयोग से सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने और ड्यूटी का समय पूरा होने के बाद ही दफ्तर छोड़ने के प्रावधान का दृढ़ता से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी कर्मियों के ढंग से ड्यूटी करने को लेकर समय-समय पर नियमावली एवं निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कर्मचारी निर्धारित समय से लेट दफ्तर पहुंचते हैं या समय से पहले ही ऑफिस से निकल जाते हैं।
साथ ही, कुछ मामलों में कर्मी कार्यालय में होने के बावजूद अपनी ड्यूटी ढंग से नहीं निभाते हैं। यह सरकार के लिए चिंता का विषय है। इसलिए राज्य सरकार ने एक बार फिर सरकारी कर्मियों को अपनी ड्यूटी सही ढंग से निभाने और समय पर दफ्तर आकर छुट्टी के बाद ही घर जाने को कहा है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार ऐक्शन लिया जाएगा।
क्या है सरकारी कार्यालयों का समय?
बिहार में सचिवालय और उससे संलग्न कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह प्रणाली लागू है। कार्यालय का समय सुबह 9.30 से शाम 8 बजे तक निर्धारित है। बीच में दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक होता है। हालांकि, महिला कर्मचारियों की ड्यूटी एक घंटे कम सुबह 9.30 से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
वहीं, क्षेत्रीय कार्यालयों में जहां 6 दिवसीय कार्य सप्ताह प्रणाली लागू है, वहां ऑफिस का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होता है। बीच में डेढ़ से दो बजे तक आधे घंटे का लंच ब्रेक होता है। साथ ही, सर्दियों के समय चार महीने (नवंबर से फरवरी तक) कार्यालय समय सुबह 10.30 से शाम 5 बजे तक रहता है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
बिहार के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की बायोमेट्रिक तरीके से उपस्थिति दर्ज की जाती है। बीते 3-4 सालों से यह प्रणाली लागू है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं जिलों को इसमें कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
देरी से आने पर वेतन काटने का प्रावधान
सितंबर 2022 में जारी सामान्य प्रशासन विभाग की नियमावली में कहा गया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी देरी से कार्यालय आता है, तो ऐसी स्थिति में उसकी छुट्टी काट दी जाती है। अगर किसी कर्मी के खाते में कोई अवकाश शेष नहीं है तो उनके वेतन कटौती का भी प्रावधान है। हालांकि, विशेष परिस्थिति में उक्त कर्मचारी को छूट दी जा सकती है।




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