मां पुलिस की नौकरी कर गलती कर सकती है, पर भ्रूण का क्या दोष; बिहार में क्यों छलका महिला सिपाही का दर्द
पत्र में उल्लेख है कि जो महिला सिपाही गर्भवती हैं, उन्हें और उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण को इन बंद वाहनों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। मां पुलिस की नौकरी कर गलती कर सकती है, लेकिन उस मासूम भ्रूण का क्या दोष जिसे यह सजा मिल रही है।

पुलिसकर्मियों के परिवहन और सुविधाओं को लेकर बिहार के कटिहार जिले का एक मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, कटिहार में तैनात बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की एक महिला सिपाही कनिका ने बिहार मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार द्वारा बसों की व्यवस्था होने के बावजूद सिपाही और हवलदारों को कैदी वैन (प्रिजन वैन) में जानवरों की तरह एक जिले से दूसरे जिले भेजा जा रहा है। जिससे कई तरह की परेशानियों का सामना मानसिक रूप से करना पड़ रहा है। इस तरह का वाकया आए दिन होता रहता है।
गर्भवती महिला सिपाहियों की सेहत से खिलवाड़
शिकायतकर्ता महिला सिपाही ने अत्यंत भावुक और तल्ख लहजे में कहा है कि वर्तमान में बिहार पुलिस में बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती हुई है। कटिहार से डिहरी, सासाराम, बगहा और बांका जैसे दूरदराज के इलाकों में महिला सिपाहियों को कैदी वैन में भेजा जा रहा है। पत्र में उल्लेख है कि जो महिला सिपाही गर्भवती हैं, उन्हें और उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण को इन बंद वाहनों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। मां पुलिस की नौकरी कर गलती कर सकती है, लेकिन उस मासूम भ्रूण का क्या दोष जिसे यह सजा मिल रही है।
भ्रष्टाचार और जातिवाद के गंभीर आरोप
पत्र में केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की एमटी शाखा में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किया गया है। आरोप है कि सिपाही-हवलदारों के लिए आवंटित स्कॉर्पियो और बोलेरो जैसी गाड़ियों से एसी खोल दिए जाते हैं। एमटी शाखा के प्रभारी और मुंशी कार्यालयों में गर्मी में एसी और सर्दी में ब्लोअर का आनंद ले रहे हैं। जबकि फील्ड पर तैनात जवानों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
इस पत्र की गंभीरता को देखते हुए इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए बेंच को स्थानांतरित कर दिया गया है। पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कार्यालय सहित पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गई हैं। महिला सिपाही की तरफ से की गई शिकायत के बाद कटिहार पुलिस बल से लेकर पुलिस मुख्यालय तक गॉशिप शुरू है। दूसरी तरफ महिला सिपाही अपनी तरफ से की गई शिकायत को लेकर अभी भी अडिग है। पूर्णिया डीआईजी विवेकानंद महिला सिपाही की तरफ से की गई शिकायत को लेकर जानकारी मिली है। इस मामले को लेकर जानकारी इकट्ठा कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।




साइन इन