बिहार : SDPO गौतम कुमार के शराब माफियाओं से संबंध, महिला मित्र के नाम जमीन और जेवर; EOU की रेड में खुलासा
Bihar News: महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के घर की तलाशी में इनके नाम पर खरीदे गये सात भूखंड के कागजात के साथ ही 60 लाख रुपये के स्वर्णाभूषण का पता चला है। शगुफ्ता के नाम पर खरीदे गये कई स्वर्णाभूषण की रसीद, बैंक खाते में नकद राशि जमा करने के प्रमाण और ऑनलाइन रकम ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।

Bihar News: आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच में किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम कुमार के माफियाओं से गहरे साठ-गांठ के प्रमाण मिले हैं। गौतम कुमार 1994 में बिहार पुलिस की सेवा में आये थे। उसके बाद से अब तक उनकी अधिकतर तैनाती पूर्णिया, अररिया, बगहा, किशनगंज आदि बॉर्डर जिलों में ही रही है। उनको 2019 में डीएसपी के पद पर प्रोन्नति मिली। जांच में पता चला है कि सीमाई इलाकों में तैनाती की वजह से उनकी कोयला, शराब, एंट्री व लॉटरी माफियाओं के साथ ही सुपारी तस्करों से अच्छे संबंध हैं। एसडीपीओ द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड प्रयोग किए जाने का साक्ष्य मिले हैं। इस संबंध में ईओयू अलग से सत्यापन कर रही है।
पत्नी, सास और महिला मित्र को बनाया सह अभियुक्त
ईओयू ने एसडीपीओ गौतम कुमार के विरुद्ध दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को सह अभियुक्त बनाया है। ईओयू की जांच में पता चला है कि गौतम का पूर्णिया स्थित चार तल्ले का पैतृक मकान लगभग 3600 वर्गफीट में है। इसके निर्माण की लागत 2.5 करोड़ से अधिक है।
अभियुक्त के पूर्णिया स्थित मकान की तलाशी में 25 भूखंड की जानकारी मिली है। इसके अलावा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित मकान की तलाशी में चार भूखंड के दस्तावेज प्राप्त हुए। महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के घर की तलाशी में इनके नाम पर खरीदे गये सात भूखंड के कागजात के साथ ही 60 लाख रुपये के स्वर्णाभूषण का पता चला है।
शगुफ्ता के नाम पर खरीदे गये कई स्वर्णाभूषण की रसीद, बैंक खाते में नकद राशि जमा करने के प्रमाण और ऑनलाइन रकम ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। ईओयू ने किशनगंज के एसडीपीओ के विरुद्ध आय से अधिक एक करोड़ 94 लाख 9244 रुपये की संपति अर्जित करने का साक्ष्य पाया।
सहरसा के डीआरडीए पर भी ईओयू का शिकंजा
सहरसा के डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी में 2016 से अब तक 16 भूखंड खरीदे जाने का पता चला है। यह भूखंड मुजफ्फरपुर व पटना में स्वयं, पत्नी, पुत्र व पिता के नाम पर खरीदे गये। बैंक खातों में 20 लाख जमा है। इनके द्वारा मुजफ्फरपुर में एक आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र भी खोला गया है, जिसको बनाने में करीब डेढ़ करोड़ खर्च हुए। वैभव ने पिता के नाम पर एक चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया है, जिसके नाम पर एक बीघा जमीन लीज पर ली है। इन्होंने टाटा नेक्सॉन सहित दो वाहन भी खरीदे हैं। स्टेट बैंक के एक लॉकर का पता चला है, जिसे फ्रीज कराया गया है।




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