बिहार में सिपाही अब लाठी से संभालेंगे लॉ एंड ऑर्डर, हथियार की मनाही; पुलिस मुख्यालय की नई पॉलिसी
अपर पुलिस महानिदेशक (प्रोविजनिंग) अजिताभ कुमार ने बताया कि नई नीति के तहत विधि व्यवस्था एवं सामान्य गश्ती को लेकर पुलिसकर्मियों को बड़े हथियारों की जगह छोटे और हल्के हथियार दिये जा रहे हैं।
बिहार में विधि-व्यवस्था के दौरान सिपाही अब हथियारों की जगह लाठी का इस्तेमाल करेंगे। हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ पुलिस अभियान और प्रशिक्षण के दौरान ही होगा। इसको लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने नई नीति तैयार की है। इस नीति के तहत बिहार पुलिस मुख्यालय विभिन्न जिला और इकाइयों को बड़ी मात्रा में बीपी हेलमेट, पॉली कार्बोनेट लाठी, शील्ड और बॉडी प्रोटेक्टर की खरीद कर उपलब्ध करा रहा है।
थ्री नॉट थ्री की जगह मिली एसएलआर राइफल
अपर पुलिस महानिदेशक (प्रोविजनिंग) अजिताभ कुमार ने बताया कि नई नीति के तहत विधि व्यवस्था एवं सामान्य गश्ती को लेकर पुलिसकर्मियों को बड़े हथियारों की जगह छोटे और हल्के हथियार दिये जा रहे हैं। वर्तमान में थ्री नॉट थ्री राइफल को फेज आउट करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को उनकी जगह एसएलआर 7.62 एमएम राइफल उपलब्ध कराई जा चुकी है।
थ्री नॉट थ्री में हर फायर के बाद कारतूस बदलना पड़ता है, जबकि एसएलआर में एक बार में ही 20 राउंड फायरिंग की सुविधा होती है। इनके साथ ही विशेष इकाइयों को ऑटोमेटिक गन दिये जा रहे हैं, जो लगातार फायर करने में सक्षम हैं। वहीं, डायल 112 के इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों में तैनात पुलिस कर्मियों को राइफल की जगह पिस्टल दी गई है। हल्के और आधुनिक उपकरण मिलने से पुलिसकर्मियों की कार्य क्षमता बढ़ेगी।
प्रशिक्षण के लिए अलग से राइफल की खरीद
एडीजी प्रोविजनिंग ने बताया कि सूबे में 21 हजार से अधिक सिपाहियों की बहाली हो चुकी है, जबकि 19 हजार से अधिक सिपाही की बहाली होनी है। उनके प्रशिक्षण को लेकर अलग से राइफल और गोला-बारूद की खरीद की गई है। इनमें डमी के साथ ही वास्तविक हथियार और आयुध शामिल हैं। सभी प्रशिक्षण संस्थानों को यह प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गयी है।




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