बिहार पुलिस का सिपाही 25 करोड़ के स्मैककांड का मास्टर माइंड, झारखंड से चलाता था रैकेट
आरोपी बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। स्मैक के धंधे से उसने इतनी कमाई की कि नौकरी को लात मार दी। पटना से ट्रांसफर होने पर उसने नई जगह भागलपुर में जॉइन ही नहीं किया।

Bihar Crime News: 25 करोड़ रुपये के भारी-भरकम स्मैक कांड में लंबे समय से फरार चल रहे सिंडिकेट के मुख्य मास्टरमाइंड और सिपाही ऋषिकेश क्रांतिकारक उर्फ अनीश को पुलिस की विशेष टीम ने झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित मूल रूप से नालंदा जिले के दीपनगर नगवां का निवासी है। आरोपी का राजगीर में भी आलीशान बंगला है जिसे उसने अपनी काली कमाई से बनाया है। आरोपी की काली संपत्तियों के जब्त भी किया जा सकता है।
आरोपी बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। स्मैक के धंधे से उसने इतनी कमाई की कि नौकरी को लात मार दी। पटना से ट्रांसफर होने पर उसने नई जगह भागलपुर में जॉइन ही नहीं किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कड़े सुरक्षा घेरे में न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। उसके दो साथी पहले से जेल में हैं। पुलिस अब सबसे अगल-अगल और आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई है ताकि पूरे गिरोह का पता लगाकर सफाया किया जा सके।
पटना के आलमगंज थाना कांड संख्या 294/26 के तहत दर्ज इस मामले में पुलिस पहले ही दो तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। उसमें समस्तीपुर के रहने वाले जितेंद्र कुमार और जहानाबाद के नीतीश कुमार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा पटनदेवी इलाके के राहुल यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज है। फरार सिपाही की तलाश जोर शोर से की जा रही थी। वह इतना शातिर है कि जगह बदलता रहता था और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
ट्रांसफर के बाद से ही चल रहा था सिपाही फरार
ऋषिकेश क्रांतिकारक पहले गया जिले में पदस्थापित था। जुलाई 2025 में प्रशासनिक आधार पर उसका ट्रांसफर भागलपुर के लिए किया गया था। लेकिन उसने नए स्थान पर अपनी आमद दर्ज नहीं कराई और विभागीय नियमों को ताक पर रखकर फरार हो गया। पुलिस ने जब पटना के आलमगंज और रामकृष्ण नगर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां से आरोपित सिपाही के बैंक दस्तावेज, चेकबुक और कई सर्विस रिकॉर्ड बरामद हुए, जिससे इस रैकेट में उसकी सीधी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले। पुलिस अब इस रैकेट के बैकवार्ड और फॉरवार्ड लिंकेज खंगाल रही है। पूछताछ में स्मैक के पूरे सप्लाई चेन और यूजर्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।




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