मोदी सरकार पर बिहार के 20 करोड़ मजदूरों का 850 करोड़ रुपया बकाया, मनरेगा के मजदूर घटे
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सामग्री और मजदूरी दोनों ही मदों में बकाया राशि जारी करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया गया है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार शीघ्र राशि जारी करेगी।

बिहार में मनरेगा के श्रमिकों को पिछले दो महीने से उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है। इससे राज्य के करीब 20 लाख श्रमिकों की बकाया मजदूरी की राशि 850 करोड़ रुपये हो गई है। मजदूरी नहीं मिलने से श्रमिक काफी परेशान हैं। वहीं, मनरेगा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण मजदूरी का भुगतान बंद है। इसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार से शीघ्र राशि भुगतान का आग्रह किया है, ताकि मजदूरी से श्रमिक वंचित न रहें। ग्रामीम विकास विभाग के अनुसार 14 जनवरी के बाद से मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है।
जहां मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है, वहीं मनरेगा में सामग्री मद की राशि का बकाया भी 4300 करोड़ रुपये हो गया है। केंद्र ने सामग्री मद में 200 करोड़ का भुगतान पिछले सप्ताह में किया है, पर यह जरूरत से काफी कम है। विभिन्न एजेंसियों से उधार में सामग्री लेकर सभी योजनाओं में कार्य किए जा रहे हैं। मजदूरी का भुगतान बंद होने से मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या में भी कमी आयी है। यह भी एक बड़ा कारण है कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार श्रमिकों को काम के दिन घट गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 25 करोड़ से अधिक दिनों का काम श्रमिकों को मिला था। इस बार अभी-तक 21 करोड़ 50 लाख दिन काम श्रमिकों को मिले हैं। वर्तमान में राज्य के साढ़े चार से पांच लाख श्रमिक प्रतिदिन मनरेगा में काम कर रहे हैं। इस तरह देखें तो मार्च अंत तक 22 करोड़ से अधिक दिनों का काम श्रमिकों को प्राप्त होगा। यह पिछले साल 25 करोड़ की अपेक्षा करीब तीन करोड़ कम होगा।
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सामग्री और मजदूरी दोनों ही मदों में बकाया राशि जारी करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया गया है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार शीघ्र राशि जारी करेगी, जिससे श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान तत्काल किया जाएगा।




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