बिहार सरकार की 32 नई डीलक्स बसें पटना लैंड; पैनिक बटन और कैमरों से लैस है यह 'हाईटेक रथ'
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने अंतरराज्यीय सफर के लिए 32 नई डीलक्स बसों का बेड़ा पटना मंगवाया है। मई से शुरू होने वाली ये बसें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर बिहार के बीच चलेंगी। सुरक्षा के लिए इनमें कैमरे और पैनिक बटन लगे हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा सुरक्षित और आसान होगी।

Bihar News: बिहार के लोगों के लिए अंतरराज्यीय यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने की दिशा में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने एक बड़ी छलांग लगाई है। निगम ने 32 नई डीलक्स बसों का अपना पहला बेड़ा पटना मंगवा लिया है। टाटा मोटर्स की ये अत्याधुनिक बसें न केवल बिहार के भीतर, बल्कि दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों के बीच सफर की परिभाषा बदल देंगी। निजी बसों की मनमानी और महंगे किराए से जूझ रहे यात्रियों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस हैं बसें
पटना पहुंची ये नई बसें फिलहाल फतुहा स्थित टाटा एजेंसी के यार्ड में खड़ी की गई हैं। तकनीकी जांच और हैंडओवर की प्रक्रिया के बाद बीएसआरटीसी जल्द ही इन्हें अपने बेड़े में शामिल करेगा। परिवहन विभाग के अनुसार, इन बसों के रजिस्ट्रेशन और परमिट की कागजी कार्रवाई में लगभग एक महीने का समय लगेगा, जिसके बाद मई के पहले सप्ताह से ये सड़क पर दौड़ने लगेंगी। इन बसों की सबसे बड़ी खासियत इनकी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बस में तीन हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। दो कैमरे बस के अंदरूनी हिस्से की निगरानी करेंगे, जबकि एक कैमरा पीछे की ओर होगा जो ड्राइविंग और रिवर्सिंग में मदद करेगा। इसके अलावा, किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए बसों में पैनिक बटन दिए गए हैं, जिसे दबाते ही सीधा कंट्रोल रूम को अलर्ट जाएगा। ये सभी बसें 2x2 सीटर कॉन्फ़िगरेशन में हैं, जिनमें एसी (AC) और नॉन-एसी दोनों विकल्प मिलेंगे।
गुरुग्राम, अंबाला और दिल्ली के लिए सीधी सेवा
बिहार परिवहन निगम की योजना केवल इन 32 बसों तक सीमित नहीं है। आने वाले दो महीनों में कुल 149 नई अंतरराज्यीय बसें पटना पहुंचने वाली हैं। इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ उत्तर बिहार के जिलों को मिलने जा रहा है। दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी जैसे जिलों से अब दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला जैसे शहरों के लिए सीधी सरकारी बस सेवा उपलब्ध होगी।
बता दें कि अब तक इन रूट्स पर यात्रियों को निजी ट्रैवल एजेंसियों के भरोसे रहना पड़ता था, जो अक्सर त्योहारों या भीड़ के समय मनमाना किराया वसूलती थीं। सरकारी बसों के आने से न केवल किराया नियंत्रित रहेगा, बल्कि यात्रियों को समय की पाबंदी और बेहतर सर्विस का भरोसा भी मिलेगा। यह पहल उन हजारों कामगारों और व्यापारियों के लिए संजीवनी साबित होगी जो रोजी-रोटी के सिलसिले में हर महीने बिहार से बाहर का रुख करते हैं।




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