सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर नकली हस्ताक्षर? RJD एमएलसी ने उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी सुनील सिंह ने इस्तीफा पत्र पर किए गए हस्ताक्षर को लेकर सवाल उठाए हैं। सुनील सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट कर लिखा, ‘छोटे पद का भी इस्तीफ़ा Authorised Person के सामने देना होता है।’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। 30 मार्च को एक लाइन में सीएम नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया। लेकिन अब नीतीश कुमार के इस्तीफे पर किए गए हस्ताक्षर को लेकर नई सियासत शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी सुनील सिंह ने इस्तीफा पत्र पर किए गए हस्ताक्षर को लेकर सवाल उठाए हैं। सुनील सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट कर लिखा, 'छोटे पद का भी इस्तीफ़ा Authorised Person के सामने देना होता है,अतः जाँच होनी चाहिए कि इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर असली है या नकली!'
संजय सरावगी ने किया पलटवार
संजय सरावगी ने कहा कि जो लोग ऐसा काम करते हैं उन्हीं को दूसरे के विषय में ऐसा ध्यान आता है। अगर तेजस्वी यादव ने साइन पर सवाल उठाए हैं तो इसका मतलब है कि वो शुरू से ही फर्जीवाड़ा करते रहे हैं। न्यायालय ने उनके बारे में कुछ ही पहले कहा था कि ये परिवार में आपराधिक सिंडिकेट चला रहा है। ऐसे व्यक्ति से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। वो शुरू से फर्जीवाड़ा करते आ रहे हैं इसलिए उन्हें यह फर्जी लग रहा है।
नीतीश कुमार कुछ ही दिनों पहले राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 30 मार्च को सीएम नीतीश कुमार ने विधान पार्षद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार ने कुमार का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा था।
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में अवधेश नारायण सिंह ने कहा, “हां, मुझे नीतीश कुमार जी का विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा प्राप्त हुआ है और इसे स्वीकार कर लिया गया है। उनकी परिषद की सीट को जल्द ही आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित किया जाएगा।” जद(यू) प्रमुख 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे और एमएलसी पद छोड़ने के लिए निर्धारित 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी।




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