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हजारों करोड़ का घाटा झेल रही सरकार, फिर भी आम आदमी की रसोई को मिली बड़ी राहत; पाक का जिक्र

ईरान युद्ध के कारण भारत में कमर्शियल LPG और एविएशन फ्यूल के दाम बढ़े हैं। हालांकि, आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल और 14.2kg घरेलू रसोई गैस की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। पूरी जानकारी पढ़ें।

Wed, 1 April 2026 12:38 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हजारों करोड़ का घाटा झेल रही सरकार, फिर भी आम आदमी की रसोई को मिली बड़ी राहत; पाक का जिक्र

ईरान युद्ध के चलते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद है। इसके कारण पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके प्रभाव से भारत में भी बुधवार यानी 1 अप्रैल को विमानन ईंधन (ATF) और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, इस संकट की घड़ी में भारत सरकार ने आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर और नियमित पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए भारत सरकार ने बताया कि वहां घरेलू गैस की कीमत 1046 रुपये है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

ईरान और अमेरिका-इजरायल में जारी जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुनिया भर की 20-30% LPG सप्लाई इस रास्ते में फंसी हुई है। इस वजह से सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (LPG के अंतरराष्ट्रीय दाम) में एक ही महीने में 44% का उछाल आया है। मार्च में यह 542 डॉलर प्रति मीट्रिक टन था, जो अप्रैल में बढ़कर 780 डॉलर हो गया है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो) पर क्या असर पड़ा?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 10.38% बढ़कर 2078.50 रुपये हो गए हैं। यह गैस सिलेंडर मुख्य रूप से होटलों, रेस्टोरेंट और उद्योगों में इस्तेमाल होता है। देश में कुल गैस खपत का 10% से भी कम हिस्सा कमर्शियल गैस का है।

हवाई यात्रा और विमानन ईंधन (ATF) का हाल

मंत्रालय के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण 1 अप्रैल को हवाई ईंधन (ATF) के दामों में 100% से अधिक की वृद्धि होने की आशंका थी। लेकिन सरकार ने घरेलू उड़ानों को बचाने के लिए कुछ अहम कदम उठाए हैं। तेल कंपनियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू एयरलाइंस पर केवल 25% (15 रुपये प्रति लीटर) का ही आंशिक भार डाला है। दिल्ली में घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की नई कीमत 8.58% बढ़कर 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। विदेशी रूट वाली उड़ानों को ईंधन की बढ़ी हुई पूरी कीमत चुकानी होगी, जैसा कि दुनिया के अन्य हिस्सों में हो रहा है।

आम जनता के लिए बड़ी राहत (कीमतें नहीं बढ़ीं)

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुसार, आम नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।

घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो): आम घरों में इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर ही स्थिर है।

उज्ज्वला योजना (PMUY): इसके लाभार्थियों के लिए कीमत 613 रुपये ही रहेगी।

पड़ोसी देशों से तुलना: भारत में घरेलू गैस की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में काफी कम हैं (पाकिस्तान: 1,046 रुपये, नेपाल: 1,208 रुपये, श्रीलंका: 1,242 रुपये)।

पेट्रोल और डीजल: देश जिस ईंधन से चलता है, उसके दाम भी स्थिर हैं। दिल्ली में नियमित पेट्रोल 94.77 रुपये/लीटर और डीजल 87.67 रुपये/लीटर पर ही बिक रहा है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि हाल ही में पेट्रोल में जो 2 रुपये/लीटर की बढ़ोतरी हुई है, वह केवल 'प्रीमियम पेट्रोल' (XP95, Speed आदि) के लिए है। इसका इस्तेमाल केवल 2-5% लोग अपनी पसंद से करते हैं।

तेल कंपनियों और सरकार को हो रहा है भारी घाटा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 30-50% तक बढ़ने के बावजूद भारत में दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। इसका सारा बोझ सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) और सरकार उठा रही है। तेल कंपनियों को फिलहाल हर घरेलू गैस सिलेंडर पर 380 रुपये का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का नुकसान (अंडर-रिकवरी) उठाया जा रहा है। अनुमान है कि मई के अंत तक तेल कंपनियों का कुल घाटा लगभग 40,484 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। पिछले साल भी 60,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जिसे सरकार और तेल कंपनियों ने आधा-आधा बाँटकर सहन किया था, ताकि जनता पर बोझ न पड़े। मंत्रालय का कहना है कि वैश्विक संकट के कारण भारत में कमर्शियल और एविएशन ईंधन के दाम जरूर बढ़े हैं, लेकिन सरकार ने अपने स्तर पर भारी घाटा सहकर यह सुनिश्चित किया है कि आपके घर की रसोई और आम यातायात (पेट्रोल-डीजल) का बजट न बिगड़े।

जरूरी सवालों के सीधे जवाब-

प्रश्न 1: आज 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट क्या है?

उत्तर: ईरान युद्ध और ग्लोबल मार्केट में गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण 19 किलो वाले कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत 10.38% बढ़ाकर राजधानी दिल्ली में 2,078.50 रुपये कर दी गई है।

प्रश्न 2: क्या ईरान युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं?

उत्तर: नहीं, आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए नियमित पेट्रोल (94.77 रुपये/लीटर) और डीजल (87.67 रुपये/लीटर) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल प्रीमियम पेट्रोल के दामों में मामूली बढ़ोतरी हुई है जो गिने-चुने लोग ही इस्तेमाल करते हैं।

प्रश्न 3: क्या 14.2 किलो वाली घरेलू रसोई गैस भी महंगी हुई है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम 44% बढ़ने के बावजूद 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर ही स्थिर है। वहीं, उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए यह कीमत 613 रुपये ही रहेगी।

प्रश्न 4: क्या अब हवाई सफर करना महंगा हो जाएगा?

उत्तर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में एविएशन फ्यूल (ATF) के दाम 100% तक बढ़ गए हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों को राहत देते हुए ATF के दामों में सिर्फ 25% का आंशिक भार (104,927 रुपये/किलोलीटर) डाला है। विदेशी रूट की उड़ानों के लिए ईंधन पूरी तरह महंगा हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सफर थोड़ा महंगा हो सकता है।

प्रश्न 5: घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम न बढ़ने से तेल कंपनियों को कितना नुकसान हो रहा है?

उत्तर: अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद देश में दाम स्थिर रखने के कारण सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को हर घरेलू सिलेंडर पर 380 रुपये का भारी नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है। पेट्रोल पर 24.40 रुपये और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का घाटा सहा जा रहा है। अनुमान है कि मई के अंत तक यह घाटा 40,484 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा।