Bihar Election: वोटर वेरिफिकेशन में छूटे तो मिलेगा एक और मौका; करना होगा ये काम
बिहार में जारी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन में अगर किसी वजह से कोई मतदाता गणना फॉर्म नहीं भर पाता है, तो उसे चुनाव आयोग एक मौक मौका देगा। ऐसे मतदाता एक अगस्त से एक सितंबर तक दावा-आपत्ति के समय आवेदन दे सकेंगे। उन्हें फार्म-6 और घोषणा पत्र के साथ नाम जोड़ने के लिए आवदेन करना होगा।

बिहार में 25 जून से शुरू मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान 26 जुलाई तक किसी कारणवश अगर कोई मतदाता गणना फॉर्म नहीं भर सकते हैं तो उनके लिए चुनाव आयोग ने विकल्प दिया है। ऐसे मतदाता दावा-आपत्ति के समय आवेदन दे सकेंगे। आयोग की ओर से 1 अगस्त से 1 सितंबर के बीच दावा-आपत्ति का समय तय किया गया है। उन्हें फार्म-6 और उसके साथ घोषणा पत्र (एनेक्चर डी) के साथ नाम जोड़ने के लिए आवेदन करना होगा।
हालांकि, आयोग का प्रयास है कि हर पात्र मतदाता 26 जुलाई के पूर्व मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में शामिल हो और उनका नाम इसमें शामिल किया जाए। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, पात्र मतदाताओं के लिए आयोग द्वारा मतदान के दस दिनों पूर्व तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अवसर प्रदान किया जाता रहा है।
वहीं, परदेश में रहने वाले मतदाताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प हमेशा खुला है। अगर, 26 जुलाई के पूर्व वे अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं तो वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, उनके दस्तावेजों की जांच घर पर ही होगी। बीएलओ उनके घर जाकर अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
आपको बता दें बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान 7,89,69,844 मतदाताओं के लिए नए गणना फार्मों की छपाई एवं घर-घर वितरण कार्य प्रारंभ हो चुका है। नए गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन भरने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। आयोग के अनुसार, पहले से ही राज्य में 77,895 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) हैं। नए मतदान केंद्रों के लिए लगभग 20,603 नए बीएलओ की नियुक्ति की जा रही है। एक लाख से अधिक स्वयंसेवक इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब तथा अन्य वंचित समूहों के वास्तविक मतदाताओं की सहायता करेंगे।




साइन इन