नीतीश का दामन थाम बोले अशोक राम, मेरे पीछे और भी हैं; राहुल का 'हाथ' क्यों छोड़ा, वजह बताया
अशोक राम ने कहा कि बिहार कांग्रेस पार्टी राजद की बी टीम बनकर रह गयी है। वहां से बाहर निकलना जरूरी था क्योंकि वहां दलितों को इज्जत नहीं दी जाती।

विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में चल रहे सियासी उठा पटक के बीच कांग्रेस के बड़े नेता अशोक राम ने नीतीश कुमार पार्टी जेडीयू का दामन थाम लिया। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री विजय चौधरी, रत्नेश सदा सरीखे नेताओं की मौजूदगी में अशोक राम ने जनता दल यूनाइटेड की औपचारिक सदस्यता दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले अभी और कई लोग हैं। वे राबड़ी सरकार में मंत्री भी रहे।
अशोक राम ने कहा कि बिहार कांग्रेस पार्टी राजद की बी टीम बनकर रह गयी है। वहां से बाहर निकलना जरूरी था क्योंकि वहां दलितों को इज्जत नहीं दी जा रही है। राजेश राम को भले ही प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया पर पावर नहीं दिया गया। हालांकि कांग्रेस को झटका के सवाल पर उन्होंने कहा कि उस पार्टी में बड़े बड़े नेता हैं। मेरा छोड़ना कहीं से झटका नहीं होना चाहिए। लेकिन इससे एक मैसेज तो चला जाएगा। उन्होंने कहा कि कई ऐसे लोग हैं जो तीर के साथ आ सकते हैं।
इधर संजय झा ने भी दावा किया कि महागठबंधन के कई नेता जो कांग्रेस और राजद से ताल्लुक रखते हैं वे जदयू के संपर्क में हैं। नीतीश कुमार दलितों को सम्मान देने वाले नेता हैं। महागठबंधन के दलों में इन लोगों को सही सम्मान नहीं दिया जाता। इसी वजह से अशोक राम ने कांग्रेस को छोड़ा है। वे बड़े चेहरा हैं जिनसे शुरुआत हुई है। आगे बहुत कुछ होने वाला है। कांग्रेस में भड़का लगने वाला है। उनके पास कुछ नहीं बचेगा। बहुत लोग संपर्क में हैं। आने वाले समय में यह दिखाई पड़ेगा।
अशोक राम के पिता बालेश्वर राम भी सांसद और विधायक रह चुके हैं। चुनाव से ठीक पहले अशोक राम का जदयू में जाना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है। राहुल गांधी जब भी बिहार आते हैं तो दलित, महादलित पर फोकस करते दिखते हैं। ऐसे में अशोक राम का यह कदम उनके दावे की हवा निकालता दिख रहा है।




साइन इन