कोर्ट से भागा अरविंद सहनी 78 दिनों बाद एनकाउंटर में ढेर, बिहार से बाहर भी था आतंक
बिहार पुलिस और एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी कुख्यात अरविंद सहनी को एनकाउंटर में गुरुवार को ढेर कर दिया। सहनी वैशाली, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी समेत अन्य जगहों पर 22 लूट और हत्या के केस में वांछित था। बिहार से बाहर भी उसने डकैती से आतंक मचा रखा था।

बिहार पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर वैशाली जिले में कुख्यात लुटेरे अरविंद सहनी को एनकाउंटर में मार गिराया। अरविंद सहनी लूट, हत्या के दर्जनों मामलों में फरारी काट रहा था। बीते 28 मई को वह समस्तीपुर कोर्ट से पुलिसकर्मियों को धक्का देकर अपने 3 साथियों के साथ भाग गया था। उसके बाद से पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। 10 दिन पहले उसकी लोकेशन पुलिस को मिल गई थी। मगर वह पुलिस को चकमा देकर वहां से भी भाग निकला था। समस्तीपुर कोर्ट से फरार होने के 78 दिनों बाद अरविंद सहनी एनकाउंटर में ढेर हो गया। उसके खिलाफ वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण जिलों में कई केस दर्ज थे। बिहार से बाहर भी उसने डकैती करके आतंक मचा रखा था। छत्तीसगढ़ में उसने बड़ी गोल्ड लूट को अंजाम दिया था।
यह एनकाउंटर वैशाली प्रखंड के चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में गुरुवार शाम को हुआ। बिहार एसटीएफ और वैशाली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। तभी अरविंद सहनी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी गोलीबारी में अरविंद सहनी ढेर हो गया। एक पुलिसकर्मी को हाथ में गोली लगी। वहीं, कुछ अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान करीब 20 राउंड गोलियां चलीं।
समस्तीपुर कोर्ट से पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागे थे 5 अपराधी
28 मई 2025 को राजनंदन उर्फ हैदर नाम के एक अपराधी को पुलिस पेशी पर लाई थी। पेशी के बाद गार्ड हैदर को कोर्ट के हवालात में बंद करने के लिए ले गया। जैसे ही गार्ड ने हाजत का ताला खोला। हवालात में मौजूद अरविंद सहनी समेत 4 कैदियों ने ग्रिल पर जोर से धक्का मारा। इससे गार्ड नीचे गिर गया और पांचों कैदी वहां से भाग निकले।
इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। इनमें से एक अपराधी नागेंद्र महतो को पुलिस ने खदेड़कर पकड़ लिया। मगर अरविंद सहनी, मनीष कुमार, मनजीत कुमार और हैदर भाग निकले। कुख्यात अरविंद इसके बाद से फरार चल रहा था।
दुकानों पर लूटमार के बाद पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम
कुख्यात अरविंद सहनी अपने साथियों के साथ मुजफ्फरपुर जिले में किराना दुकानों में ताबड़तोड़ लूट कर रहा था। इसके बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने अरविंद सहनी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। उसके दो अन्य साथियों मोहम्मद अनवर और मंजीत कुमार पर भी 25-25 हजार के इनाम रखे गए। उसके खिलाफ जिले में कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
10 दिन पहले भी पुलिस से बच निकला था अरविंद सहनी
बीते 3 अगस्त की रात को अरविंद सहनी के मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र में अरविंद सहनी के जुटने की सूचना मिली थी। पुलिस उसकी घेराबंदी करने के लिए भटौना लक्ष्मण चौक पर पहुंची। पुलिस को देखते ही कुख्यात बाइक छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने बाइक, मैगजीन और कुछ कारतूस जब्त किए। बताया जा रहा है कि वह किसी लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए वहां अपने साथियों के साथ जुटा था। मगर वह अपने सहयोगियों के साथ अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
30 साल की उम्र में अरविंद सहनी पर थे 22 गंभीर मुकदमे
अरविंद सहनी वैशाली थाना क्षेत्र के सहथा भगवानपुर गांव का मूल निवासी है। उसकी उम्र 30 साल थी। वैशाली जिले के सरायरंजन, मुसरीघरारी समेत कई थानों के अलावा मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में उसके खिलाफ कुल 22 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। मुजफ्फरपुर बैंक लूट में भी वह फरार चल रहा था। हाजीपुर में साल 2019 में हुई मुथूट फाइनेंस के ऑफिस में 55 किलोग्राम के सोना लूटकांड में भी अरविंद का नाम सामने आया था। छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में भी उसने कई लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। इनाम घोषित होने के बावजूद वह बेखौफ होकर डकैतियां कर रहा था, जिससे पुलिस वालों के सामने उसे पकड़ना चुनौती सा बन गया था।
(हाजीपुर और मुजफ्फरपुर हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट के आधार पर)




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