10-15% तक महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं
अररिया में प्रो बासुदेव झा के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें 10-15% महंगी हो सकती हैं। इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा। प्रो रामाकांत झा ने बताया कि डीजल की कीमतों का असर कंस्ट्रक्शन और कृषि लागत पर भी पड़ेगा।

अररिया, वरीय संवाददाता पेट्रोल व डीजल में वृद्धि आम जनता के लिए महंगाई का सीधा कारण बनेगी। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे खाद्य पदार्थों, सब्जी, दूध और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम 10-15% तक महंगे हो सकते हैं। यह कहना है केएन इंटर कॉलेज बखरी कुर्साकांटा में अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व व्याख्याता प्रो बासुदेव झा का। अर्थशास्त्र के अच्छे जानकार प्रो झा कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि माल ढुलाई महंगी होगी। फलस्वरूप फल, सब्जियां, किराना और पैकेज्ड फूड की कीमतें बढ़ जाएंगी। इससे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ होगा। व्यक्तिगत वाहनों (कार, बाइक) के इस्तेमाल से दैनिक खर्च बढ़ेगा और सार्वजनिक परिवहन (बस, ऑटो, कैब) का किराया भी महंगा होगा।
वहीं दूसरे अर्थशास्त्री प्रो रामाकांत झा कहते हैं कि डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर कंस्ट्रक्शन मैटेरियल (ईंट, सीमेंट) और कूरियर/ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी पड़ेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। खेती में डीजल की खपत अधिक होने के कारण, कृषि लागत बढ़ेगी। फलस्वरूप अंतत: फसलों के दाम बढ़ सकते हैं।
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