पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने घर से बाजार तक का बिगाड़ा गणित
फारबिसगंज में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से जिले की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ने लगा है। उपभोक्ताओं की भीड़ कम हो गई है, जिससे किसानों, छोटे व्यवसायियों और आम परिवारों की चिंता बढ़ गई है। महंगाई के कारण दैनिक खर्चों में वृद्धि हो रही है।

फारबिसगंज, निज संवाददाता। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि का असर अब धीरे-धीरे जिले की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। जहां एक ओर पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भीड़ पहले की तुलना में कम होने लगी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ी कीमतों ने किसान, छोटे व्यवसायी, ट्रांसपोर्टर, फैक्ट्री संचालक और आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि तेल की कीमत बढ़ते ही सिर्फ वाहन चलाना ही महंगा नहीं होता, बल्कि इसका असर सब्जी से लेकर निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की हर चीज पर पड़ता है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अररिया जिले में विभिन्न कंपनियों के करीब 115 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें इंडियन ऑयल के लगभग 70, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 25, भारत पेट्रोलियम के 17, रिलायंस का एक तथा नायरा के एक पेट्रोल पंप शामिल हैं। जिले में प्रतिदिन लगभग 6 लाख लीटर डीजल तथा करीब 2 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती रही है। 15 मई को हुई कीमत वृद्धि के बाद खपत पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है。
कीमतों में वृद्धि
जानकारी के अनुसार प्लेन डीजल, जिसकी कीमत पहले 93 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर थी, अब बढ़कर 96 रुपये 34 पैसे प्रति लीटर हो गई है। यानी इसमें 3 रुपये 14 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ग्रीन डीजल का दाम 96 रुपये 45 पैसे से बढ़कर 101 रुपये 60 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है, जिसमें 4 रुपये 15 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार प्लेन पेट्रोल, जो पहले 106 रुपये 95 पैसे प्रति लीटर मिल रहा था, अब 110 रुपये 27 पैसे प्रति लीटर हो गया है। यानी इसमें 3 रुपये 32 पैसे की वृद्धि हुई है। वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 115 रुपये 50 पैसे से बढ़कर 119 रुपये 17 पैसे प्रति लीटर हो गई है। इसमें 3 रुपये 67 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
किसानों पर असर
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान समय में खेतों की तैयारी, सिंचाई, ट्रैक्टर संचालन और फसल ढुलाई जैसे कार्यों में डीजल की बड़ी भूमिका होती है। डीजल महंगा होने से खेती की लागत स्वत: बढ़ जाएगी। ट्रैक्टर, पंपसेट और हार्वेस्टर चलाने वाले किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। ग्रामीण इलाकों में कई किसानों ने चिंता जताई कि पहले ही खाद, बीज और मजदूरी महंगी हो चुकी है, अब डीजल की कीमत बढ़ने से खेती और कठिन हो जाएगी।
परिवहन क्षेत्र पर असर
ट्रांसपोर्ट सेक्टर भी इससे नहीं रहेगा अछूता: जानकार बताते हैं कि पेट्रोल व डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रहेगा। बस, ट्रक, ऑटो और मालवाहक वाहनों का परिचालन खर्च बढ़ने से किराया बढ़ने की संभावना तेज हो गई है। परिवहन महंगा होने का सीधा असर बाजार पर पड़ेगा। हमसफ़र बस ग्रुप के मालिक मोहम्मद अबसार का कहना है कि महंगाई को लेकर वैसे लोग परेशान है । मगर डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमत से अब यात्रियों को किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका सताने लगी है । उन्होंने कहा कि जब डीजल पेट्रोल का कीमत बढ़ेगा तो फिर किराए बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
दैनिक वस्तुओं पर असर
फल, सब्जी, दूध, किराना भी हो सकती है महंगी: कारोाबारी का कहना है कि इससे फल, सब्जी, दूध, किराना और निर्माण सामग्री सहित लगभग हर वस्तु की कीमत में वृद्धि हो सकती है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि यदि तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि जारी रही तो छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव और बढ़ेगा। उद्योग और छोटे कारखानों पर भी इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। डीजल आधारित मशीनों और जेनरेटर के उपयोग में अतिरिक्त खर्च आने से उत्पादन लागत बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं के दाम में भी इजाफा हो सकता है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहता। यह पूरे बाजार की रफ्तार और उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता को प्रभावित करता है।
आम परिवारों पर असर
आम परिवारों का बिगड़ेगा मासिक बजट: आम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ने लगता है, क्योंकि परिवहन से लेकर खाद्य सामग्री तक हर चीज धीरे-धीरे महंगी होने लगती है। इधर आम लोगों का कहना है कि महंगाई पहले से ही चरम पर है, ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में बाजार में और महंगाई देखने को मिल सकती है।
पेट्रोल पंप संचालकों की राय
बोले पेट्रोल पंप संचालक: पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि फिलहाल लोग आवश्यकता के अनुसार सीमित मात्रा में तेल भरवा रहे हैं। अचानक बढ़ी कीमतों के कारण बिक्री में शुरुआती असर दिखाई देने लगा है, लेकिन वास्तविक प्रभाव आने वाले दो-तीन दिनों में और स्पष्ट होगा। कई उपभोक्ता अब छोटी दूरी के लिए बाइक या कार के उपयोग से बचने लगे हैं। वहीं व्यवसायिक वाहनों के मालिकों में भी चिंता बढ़ गई है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन