इबोला संक्रमण से बचाव को लेकर तैयारी तेज, सदर अस्पताल में दस बेड सुरक्षित
अररिया, निज प्रतिनिधि विश्व के अलग-अलग देशों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण

अररिया, निज प्रतिनिधि विश्व के अलग-अलग देशों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सूबे के गया जी में इबोला वायरस के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने की तैयारी तेज कर दी है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने में जुटा है। नेपाल से सटे अररिया जिले में भी इबोला संक्रमण से बचाव को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग से निर्देश मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में दस बेड सुरक्षित कर दिया है, ताकि इबोला संक्रमण के कैस मिलने पर रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मो मोइज ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विभाग से निर्देश मिलने के बाद इबोला से बचाव के लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल इबोला के एक भी के सामने नहीं आए हैं बावजूद अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। इबोला के संदेहास्पद के केस सामने आने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा.
सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी नहीं:
जिले के सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण की पहचान, संपर्क अनुगमन, सैंपल संग्रहण, रेफरल प्रबंधन एवं संक्रमण नियंत्रण संबंधी सभी प्रक्रियाओं जानकारी दी जा रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
घबराएं नहीं बरतें सावधानी:
डॉ. मोईज ने आम लोगों से अपील की है कि इबोला संक्रमण को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी एवं सतर्कता बरतना आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति में बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी-दस्त अथवा रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तथा उसका हाल में प्रभावित देशों की यात्रा अथवा ऐसे किसी व्यक्ति से संपर्क रहा हो, तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल से संपर्क करें.
स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति से निपटने को तैयार:
स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश एवं रक्तस्राव जैसे लक्षण पाए जाने पर मरीज की तत्काल जांच एवं उपचार प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया कि संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
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