इबोला संक्रमण को लेकर अस्पताल में बनाया गया 10 बेड का क्वारंटीन केंद्र
किशनगंज में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। भारत सरकार ने सभी जिलों को तैयारी के निर्देश दिए हैं। किशनगंज सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष क्वारंटीन केंद्र बनाया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और संक्रमितों की पहचान हेतु निगरानी बढ़ाई जा रही है।

किशनगंज से राकेश कुमार की रिपोर्ट दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो एवं युगांडा में फैले बूंदीबुग्यों वायरस डिजीज के मामलों और लगातार हो रही मौतों ने वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। ऐसे में भारत सरकार एवं राज्य स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग हो गए हैं। इसी क्रम में सोमवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों को संभावित खतरे से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके तहत किशनगंज सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष क्वारंटीन केंद्र तैयार किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध मरीजों को तत्काल पृथक रखकर निगरानी एवं उपचार किया जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की डिजीज ऑउटब्रेक न्यूज के अनुसार 15 मई 2026 तक इबोला संक्रमण के 246 संदिग्ध मामले तथा कई मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें पुष्टि किए गए मामलों में भी चार मौतें शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार संक्रमितों में 20 से 39 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है तथा महिलाओं की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि घरेलू देखभाल एवं संक्रमित मरीजों की सेवा के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। प्रभावित क्षेत्रों में असुरक्षा एवं आवागमन संबंधी प्रतिबंधों के कारण निगरानी और संपर्क अनुगमन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में राज्यों एवं जिलों को इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के अंतर्गत निगरानी मजबूत करने, संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान, सैंपल जांच, आइसोलेशन व्यवस्था तथा संक्रमण नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी जिलों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि यदि आवश्यकता उत्पन्न हो तो तत्काल क्वारंटीन केंद्र सक्रिय किए जाएं। साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीम को हर समय तैयार रखने, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आवश्यक दवाओं, पीपीई किट एवं एम्बुलेंस व्यवस्था को सुदृढ़ रखने पर भी विशेष बल दिया गया। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि इबोला जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग पूर्णत: सतर्क एवं तैयार है। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष क्वारंटीन केंद्र तैयार किया गया है, जहां आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध मरीजों को पृथक रखकर चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण की पहचान, संपर्क अनुगमन, सैंपल संग्रहण, रेफरल प्रबंधन एवं संक्रमण नियंत्रण संबंधी सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश एवं रक्तस्राव जैसे लक्षण पाए जाने पर मरीज को तत्काल पृथक कर जांच एवं उपचार प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पीपीई किट का अनिवार्य उपयोग, सुरक्षित सैंपल संग्रहण, एम्बुलेंस का नियमित संक्रमणमुक्तिकरण तथा जैव चिकित्सा अपशिष्टों का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। सिविल सर्जन ने आमजन से अपील की कि इबोला संक्रमण को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी एवं सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति में बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी-दस्त अथवा रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तथा उसका हाल में प्रभावित देशों की यात्रा अथवा ऐसे किसी व्यक्ति से संपर्क रहा हो, तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन