इबोला वायरस को लेकर जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
संक्रमित व्यक्तियों को 21 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा क्वॉरेंटाइन : सीएस संक्रमित व्यक्तियों को 21 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा क

बांका, नगर प्रतिनिधि। इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
वहीं राज्य स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। साथ ही सूबे के सभी जिलों के सिविल सर्जनों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए गए हैं। इसमें संक्रमण की पहचान, बचाव, इलाज एवं निगरानी व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इस विषय पर जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि, इबोला वायरस अत्यंत गंभीर एवं संक्रामक बीमारी है, इसलिए किसी भी संदिग्ध मरीज को तत्काल निगरानी में रखा जाएगा। जिले के सदर अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है, जहां संदिग्ध या संक्रमित व्यक्तियों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि, संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को 21 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में क्वॉरेंटाइन रखा जाएगा, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इधर अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।साथ ही आवश्यक दवाएं, पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वहीं एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों से आने वाले लोगों पर भी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
लोगों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि, किसी भी प्रकार के बुखार, कमजोरी, उल्टी या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। अफवाहों से बचने और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि फिलहाल जिले में कोई संक्रमित मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इबोला वायरस एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर स्थिति में रक्तस्राव हैं। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संदिग्ध मरीजों को 21 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में निगरानी में रखा जाएगा। बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें, हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं, मास्क का उपयोग करें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और अफवाहों से दूर रहें। सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। किसी भी संदिग्ध मरीज को 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। लोगों से घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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