जोगबनी-भागलपुर ट्रेन सेवा शुरू करने की उठी मांग, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
फारबिसगंज, एक संवाददाता। विक्रमशिला सेतु के गंभीर क्षति के बाद आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पिलर संख्या 137 के गंगा में समाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक रेल सेवा की मांग तेज हो गई है।

फारबिसगंज, एक संवाददाता। सीमांचल को अंग क्षेत्र से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग विक्रमशिला सेतु गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। सेतु के पिलर संख्या 137 के गंगा में समा जाने से सड़क परिवहन ठप पड़ गया है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना के बाद उत्तरी बिहार से भागलपुर, सुल्तानगंज, मुंगेर, बांका,जमुई, देवघर सहित कई शहरों तक यात्रा करने वाले लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में आम यात्रियों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज हो गई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्पन्न परिवहन संकट ने पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा को प्रभावित कर दिया है। ऐसे में जब तक पुल पूरी तरह चालू नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक रेल सेवा शुरू करना ही यात्रियों के लिए सबसे व्यवहारिक समाधान माना जा रहा है।
ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग तेज:
बिहार डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन के सदस्य बछराज राखेचा और इंडो-नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मंडल के अधिकारियों से मांग की है कि जोगबनी से भागलपुर तक एक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाए। जिसके प्रस्तावित रूट में फारबिसगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, नवगछिया और खगड़िया को शामिल करने की बात कही गई है। इस पहल से सीमांचल और अंग क्षेत्र के बीच रेल संपर्क बना रहेगा और यात्रियों को तत्काल राहत मिल सकेगी।
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