ईरान-इजरायल तनाव के बीच हाईटेक हुई हज यात्रा, एआई बैंड के इमरजेंसी बटन से मिलेगी फौरन मदद
हज यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए भारत सरकार एआई स्मार्ट वॉच का उपयोग कर रही है। मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण माहौल के बीच, यात्रियों की लोकेशन और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए यह डिजिटल कदम उठाया गया है। 18 अप्रैल से शुरू होने वाली इस यात्रा में बिहार के 2500 से अधिक और…

Bihar News: इस साल हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सेहत का ख्याल रखने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए, हज यात्रियों के परिवार काफी चिंतित हैं। इसी चिंता को दूर करने और यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए भारत सरकार इस बार "हज यात्रा 2026" को पूरी तरह डिजिटल और एआई तकनीक से जोड़ने जा रही है। इस तकनीक के तहत हर यात्री को एक खास एआई आधारित 'स्मार्ट वॉच' या स्मार्ट बैंड दिया जाएगा, जिसे पहनना उनके लिए जरूरी होगा।
यह घड़ी केवल समय देखने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। इसमें एक 'इमरजेंसी बटन' दिया गया है, जिसे किसी भी मुसीबत या अचानक तबीयत खराब होने पर यात्री दबा सकेंगे। बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी और यात्री को तुरंत मदद पहुंचाई जाएगी। यह घड़ी हर वक्त यात्री की लोकेशन ट्रैक करेगी और उनकी सेहत जैसे ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाती रहेगी, जिससे भीड़भाड़ वाली जगहों पर किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
18 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा
हज यात्रा की शुरुआत इस साल 18 अप्रैल से होने जा रही है। भागलपुर जिले से इस बार कुल 135 लोग हज के लिए रवाना हो रहे हैं, जिनमें 75 महिलाएं और 60 पुरुष शामिल हैं। हज ट्रेनर हबीब मुर्शीद खान ने बताया कि सभी यात्रियों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी स्मार्ट वॉच को हमेशा चार्ज रखें ताकि उनकी लोकेशन और मेडिकल रिपोर्ट लगातार मिलती रहे। हज कमेटी के अनुसार, इस बार तकनीक का इतना उपयोग इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य के धार्मिक आयोजनों के लिए एक नया मॉडल तैयार हो सके।
इस स्मार्ट वॉच की मदद से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अगर कोई यात्री रास्ता भटक जाता है या उसकी तबीयत बिगड़ती है, तो ऑनलाइन उसकी मेडिकल रिपोर्ट देखकर सही इलाज तुरंत शुरू किया जा सकेगा। हज कमेटी ऑफ बिहार के मो. उमर फारुख ने जानकारी दी कि बिहार से इस वर्ष कुल 2556 लोग हज पर जा रहे हैं। ये सभी यात्री कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों से सऊदी अरब के मदीना और जेद्दाह के लिए उड़ान भरेंगे। पूरे देश की बात करें तो इस साल करीब 1.75 लाख मुस्लिम इस यात्रा के लिए रवाना होने की तैयारी में हैं।




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