बिहार के 1600 युवा साइबर गुलामी के जाल में! थाईलैंड-म्यांमार में फंसे; EOU जांच में जुटी
Bihar News Today: अच्छी नौकरी के लालच में थाईलैंड-कंबोडिया गए 1600 बिहारी वापस नहीं लौटे हैं। एजेंसियों को साइबर गुलामी की आशंका है। 39 ट्रेवल एजेंसियों पर मानव तस्करी का केस दर्ज हो सकता है।

Bihar News Today: विदेश में ऊंचे वेतन वाली शानदार नौकरी का सपना देखकर दक्षिण एशियाई देशों का रुख करने वाले बिहार के 1600 नागरिक अब तक अपने वतन वापस नहीं लौटे हैं। इन सभी का वीजा समाप्त हो चुका है, लेकिन इनके घर न लौटने से केंद्र और राज्य सरकार की नींद उड़ गई है। केंद्र सरकार के 'इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर' (I4C) से इनपुट मिलने के बाद बिहार की जांच एजेंसियां, खासकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। एजेंसियों को आशंका है कि इन नागरिकों को बंधक बनाकर उनका इस्तेमाल साइबर गुलामी के लिए किया जा रहा है।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर विज्ञापन, फिर जब्त कर लेते हैं पासपोर्ट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय साइबर माफिया सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऊंचे वेतन का लुभावना विज्ञापन देते हैं। इन विज्ञापनों के झांसे में आकर जब बेरोजगार युवा सक्रिय दलालों के संपर्क में आते हैं, तो उन्हें टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार जैसे देशों में भेज दिया जाता है। विदेश पहुंचते ही इन युवाओं का पासपोर्ट जबरन जब्त कर लिया जाता है और उन्हें बंधक बनाकर साइबर ठगी के बड़े कॉल सेंटरों में बैठा दिया जाता है। वहां उन्हें अपनी ही भाषा में बिहार, झारखंड और यूपी के लोगों को ठगने का तरीका सिखाकर उनसे जबरन अपराध कराया जाता है।
गोपालगंज, सीवान और मोतिहारी के सबसे ज्यादा लोग फंसे
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, घर नहीं लौटने वाले इन 1600 बिहारियों में सबसे ज्यादा संख्या बिहार के गोपालगंज, सीवान, मोतिहारी, बगहा, बेतिया, गया और दरभंगा के युवाओं की है। प्रशासन अब इन नागरिकों के स्थायी पते पर जाकर परिजनों से मिलकर भौतिक सत्यापन कर रहा है ताकि असल स्थिति का पता चल सके। बता दें कि हाल ही में करीब 60 नागरिकों को ठगों के चंगुल से मुक्त कराकर देश वापस लाया गया था।
39 संदिग्ध ट्रेवल एजेंसियों पर कसेगा शिकंजा
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट में शामिल होने के शक में जांच एजेंसियों ने 39 टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों को चिह्नित किया है। ये एजेंसियां दिल्ली, एनसीआर और बिहार में सक्रिय हैं। जल्द ही इन ट्रेवल एजेंसियों के संचालकों से कड़ी पूछताछ की जाएगी और उनके खिलाफ मानव तस्करी व धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज हो सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




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