बिहार में बड़ा खुलासा, 11 यूनिवर्सिटीज पर 604 करोड़ का UC बकाया; राजभवन ऐक्शन मोड में
Bihar News: बिहार के 11 यूनिवर्सिटीज पर 604 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) बकाया है, जिसमें मुंगेर यूनिवर्सिटी के 105 करोड़ शामिल हैं। राजभवन ने जल्द हिसाब मांगा है।

Bihar News: बिहार के यूनिवर्सिटीज में वित्तीय कामकाज और हिसाब-किताब को लेकर एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। राज्य के 11 प्रमुख विश्वविद्यालयों पर कुल 604.20 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र यानि यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट लंबित पाया गया है। करोड़ों रुपये का हिसाब न मिलने पर राजभवन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और संबंधित विश्वविद्यालयों को जल्द से जल्द यूसी जमा करने का अल्टीमेटम दिया है।
कुलाधिपति की बैठक में खुली पोल
बीते 30 मार्च को कुलाधिपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक में यह चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की है, जिसके पास सबसे अधिक 237.83 करोड़ रुपये का यूसी बकाया है।
मुंगेर विश्वविद्यालय दूसरे स्थान पर, 105 करोड़ का हिसाब नहीं
इस वित्तीय लापरवाही के मामले में मुंगेर विश्वविद्यालय दूसरे स्थान पर है। मुंगेर विश्वविद्यालय में वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर 2024-25 तक का कुल 105.92 करोड़ रुपये का यूसी लंबित है। राजभवन ने इस पर गंभीर नाराजगी जताते हुए मुंगेर विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि वह लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराए।
मुंगेर विवि पीजी सेमेस्टर-1 की स्थगित परीक्षाएं अब 8 मई से
वित्तीय मामलों के अलावा मुंगेर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक मोर्चे पर भी कुछ अहम फैसले लिए हैं। विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-27 के पीजी सेमेस्टर-1 परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। बता दें कि पहले ये परीक्षाएं 28 अप्रैल से होनी थीं, लेकिन एडमिट कार्ड जारी न होने के कारण 27 अप्रैल को इन्हें स्थगित कर दिया गया था। अब यह परीक्षा 8 मई से 13 मई तक जिले के सात केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों (सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे और दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे) में होगी।




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