बंगाल फतह, बिहार में खेला; सम्राट सरकार में JDU के मंत्री BJP से ज्यादा नहीं होंगे! कैबिनेट विस्तार 7 मई को
Samrat Choudhary Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल और असम चुनाव में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद सम्राट चौधरी सरकार का कैबिनेट विस्तार 7 मई को हो रहा है। सबसे बड़ी खबर यह कि जदयू के मंत्री भाजपा से ज्यादा नहीं होंगे।

Samrat Choudhary Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जबर्दस्त जीत के बाद बिहार में 19 दिन से मुख्यमंत्री और 2 डिप्टी सीएम के कंधे पर चल रही सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार की तारीख 7 मई तय हो गई है। पटना के गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी, जिसमें सबसे बड़ा खेला यह हुआ है कि सम्राट चौधरी की सरकार में नीतीश कुमार मॉडल नहीं चलेगा। सम्राट चौधरी कैबिनेट में भाजपा का सीएम रहने के बावजूद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मंत्रियों की संख्या बीजेपी के मंत्रियों की संख्या ज्यादा नहीं होगी। नीतीश सरकार में सीएम पद मिलने के बदले भाजपा के मंत्रियों की संख्या जदयू से ज्यादा रहती थी।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सूत्रों के मुताबिक भाजपा और जदयू के मंत्री सम्राट सरकार में बराबर संख्या में रहेंगे। यह संख्या 16-16 तय हो गई है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम शामिल हैं। इस लिहाज से भाजपा के 15 और जदूय के 14 और नेता मंत्री बन सकते हैं। चिराग पासवान की लोजपा-आर, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के लिए पहले की तरह 2-1-1 मंत्री पद रहेगा। लोजपा, हम और रालोमो कोटे से पुराने मंत्री संजय पासवान, संजय सिंह, संतोष सुमन मांझी और दीपक कुशवाहा फिर से कैबिनेट में जगह पा सकते हैं। भाजपा और जदयू अपने कोटे में कुछ पद खाली रख सकती है, जिसे राजनीतिक जरूरत के हिसाब से आगे भरा जाए।
सीएम पद के बदले कैबिनेट में भाजपा को पद देते थे नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा चुनाव नतीजों से पहले दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के अलावा गठबंधन के घटक दलों के केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान से रविवार को मिलने के बाद पटना लौट आए थे। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार का रूप-स्वरूप तय कर लिया गया है।
नीतीश कुमार की पिछली सरकार में भाजपा कोटे से दो डिप्टी सीएम समेत कुल 14 मंत्री थे। जदयू कोटे के कुछ पद नीतीश ने खाली रखकर मात्र 9 नेताओं को कैबिनेट में जगह दी थी। लोजपा, हम और रालोमो से कुल 4 मंत्री बनाए गए थे। 2020 में विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश की कैबिनेट में भाजपा के 16, जदूय के 14, हम के 1 और 1 निर्दलीय मंत्री बनाए गए थे।




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