20 जून को शत्रु राशि में मंगल का गोचर: साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
Mangal Rashi Parivartan in Taurus: मंगल इस समय अपनी स्वराशि मेष में हैं और 20 जून को अपने शत्रु की राशि में गोचर करेंगे। मंगल का शत्रु राशि में जाने का साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जानें पंडित जी से।

Mangal Rashi Parivartan Vrish Rashi 20 June 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति मंगल के राशि परिवर्तन का खास महत्व है। मंगल जब अपनी राशि बदलते हैं, तो इसका प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि पर पड़ता है। साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक मंगल अपनी मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करने वाले हैं। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। ज्योतिष में मंगल और शुक्र के बीच शत्रुता का भाव है। ऐसे में मंगल का अपनी शत्रु राशि वृषभ में गोचर देश-दुनिया के साथ मानव जीवन को प्रभावित कर सकती है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, मंगल का वृषभ गोचर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों पर भी विशेष प्रभाव पड़ेगा। साढ़ेसाती और ढैय्या के समय जातक को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंगल के अपनी शत्रु राशि में जाने से अशुभ प्रभाव या फल बढ़ सकते हैं। जानें पंडित जी से मंगल गोचर का साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
किन राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव है। सिंह और धनु राशि ढैय्या की चपेट में हैं।
मंगल वृषभ राशि में कब करेंगे गोचर:
पंचांग के अनुसार, मंगल का वृषभ राशि में गोचर 20 जून 2026 को होगा और इस राशि में 1 अगस्त तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद 2 अगस्त को मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों पर मंगल के वृषभ गोचर का प्रभाव:
पंडित उपाध्याय के अनुसार, मंगल और शुक्र की शत्रुता के कारण यह गोचर संबंधों के लिहाज से आक्रामक हो सकता है। जिद्दीपन और रिश्तों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों के लिए मंगल गोचर अच्छा नहीं साबित होगा। इस समय शारीरिक परेशानियां हो सकती हैं। इस समय आप अपनी एनर्जी में अपार वृद्धि देखेंगे, लेकिन इस ऊर्जा का उपयोग आप सकारात्मक कम, बल्कि नकारात्मक या भटकाव वाले कार्यों में लगाएंगे। वैवाहिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रेम की स्थिति खराब हो सकती है। क्रोध में वृद्धि हो सकती है।
कुल मिलाकर मंगल गोचर से मेष, कुंभ, मीन, सिंह और धनु राशि वालों के स्वभाव में बदलाव देखने को मिलेगा। शारीरिक स्थिति में परिवर्तन होगा। काल पुरुष का द्वितीय भाव होने के कारण जुबान से लोगों को ठेस पहुंच सकती है, इसलिए इस समय नियंत्रण रखना आवश्यक है। लड़ाई-झगड़ा हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। आर्थिक तौर पर आप कमजोर स्थिति में आ सकते हैं, इसलिए धन के मामलों में बहुत सावधानी बरतें।
अशुभ मंगल के उपाय-
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगलवार के दिन मसूर की दाल, गुड़, शहद और तांबे के बर्तन और लाल वस्त्रों का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।
2. प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
3. मंगलवार के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करना चाहिए।
4. हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाना चाहिए।
5. प्रतिदिन 'ॐ अंग अंगारकाय नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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