घर व दुकान में इस तरह करें विश्वकर्मा पूजा, नोट कर लें पूजा का उत्तम समय
Vishwakarma Pooja 2025: कन्या संक्रांति पर भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था, जो ब्रह्मा जी के पुत्र हैं। इस दिन दुकान, वाहन, मशीनों व उपकरणों की पूजा की जाती है ताकि कार्य बिना किसी बाधा और सफलता के साथ आगे बढ़ सके।

Vishwakarma Pooja 2025: आज है विश्वकर्मा पूजा व विश्वकर्मा जयंती। ऋग्वेद में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्माण्ड के वास्तुकार व इंजीनियर के रूप में वर्णित किया गया है। मान्यता है कि विश्वकर्मा भगवान की पूजा करने से रोजी-रोजगार, कारोबार, नौकरी में उन्नति होती है। शास्त्रों के अनुसार, कन्या संक्रांति के दिन, भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था, जो ब्रह्मा जी के पुत्र माने जाते हैं। इस खास दिन पर दुकान, औजार, वाहन, मशीनों व उपकरणों की पूजा की जाती है ताकि कार्य बिना किसी बाधा और सफलता के साथ आगे बढ़ सके। आइए जानते हैं पूजा का मुहूर्त व विधि-
नोट कर लें पूजा का उत्तम समय
विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त 17 सितंबर को सुबह 6:30 बजे से लेकर शाम 6:16 बजे तक रहेगा। इस दिन महापुण्य काल सुबह 5:36 मिनट से लेकर सुबह 7:39 मिनट तक रहेगा। अमृत काल प्रात: 4:03 बजे से 5:37 बजे तक है।
घर व दुकान में इस तरह करें विश्वकर्मा पूजा
स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। उसके बाद पूजा स्थान पर आसन ग्रहण करें। हाथ में जल लेकर विश्वकर्मा पूजा का संकल्प करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करें। फिर कलश में पंचपल्लव, सुपारी, दक्षिणा आदि डालकर उसमें कपड़ा लपेट दें। फिर एक मिट्टी के पात्र में अक्षत रख लें और उसे कलश के मुंह पर रखें। उस पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर दें। विश्वकर्मा जी का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें। अब प्रभु को चंदन का तिलक, फल और पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक प्रज्वलित करें। पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें। भोग लगाएं। अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
भोग: मिठाई, बेसन व मोतीचूर के लड्डू, बूंदी, फल आदि का भोग लगा सकते हैं।
पूजा सामग्री: अक्षत, हल्दी, फूल, पान, लौंग, सुपारी, मिठाई, फल, धूप, दीप, रक्षासूत्र, पांच पेड़ों के पत्ते, 7 तरह की मिट्टी, सुपारी, दक्षिणा, कलश आदि इकट्ठा कर लें, ताकि पूजा के दौरान किसी सामग्री की जरूरत नहीं पड़े।
किसे करनी चाहिए विश्वकर्मा पूजा: यह पूजा उन लोगों के ज्यादा महत्वपूर्ण है, जो कलाकार, बुनकर, शिल्पकार और व्यापारी हैं।
किन चीजों की करें पूजा: विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों, वाहन, कारखाने, औजार, दुकान व फैक्ट्री आदि की पूजा भी करते हैं। दुकान, मशीन व वाहन आदि की साफ-सफाई व करें। इसके बाद कलावा बांधकर विश्वकर्मा जी का ध्यान करें। फूल माला, फल, धूप, अक्षत चढ़ाएं। घी के दीपक से आरती व पूजा करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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