Vastu Tips: वास्तु के अनुसार हर एक घर में जरूर होने चाहिए ये 3 पौधे, इन दो से तो बिल्कुल रहें दूर
वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ पौधे ऐसे होते हैं जोकि घर में पॉजिटिविटी लेकर आते हैं। वहीं कुछ ऐसे हैं जिनकी मौजूदगी से घर का वास्तु खराब हो सकता है। इनके बारे में विस्तार से नीचे जानें…

Vastu Tips for Plants: वास्तु शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जिसमें घर की एनर्जी को बदलने की ताकत है। इस शास्त्र में ऐसे कई नियम हैं जिनकी मदद से किसी भी घर की एनर्जी को बदला जा सकता है। अगर किसी घर में रोज कलह हो रही है या फिर कहीं पर लोग हमेशा बीमार ही रहते हैं तो इसके पीछे एक कारण घर का खराब वास्तु भी हो सकता है। अब जिन घरों में वास्तु दोष लगता है, वहां पर खुशहाली कभी टिक ही नहीं सकती है। ना तो ऐसे घरों में मां लक्ष्मी का वास होता है। शास्त्र के नियमों के अनुसार घर के वास्तु को काफी हद तक कुछ उपाय के जरिए दूर किया जा सकता है। आज बात करेंगे उन तीन पौधों की जोकि हर घर में जरूर होने चाहिए। साथ ही जानेंगे कि घर के लिए कैसे पौधे सही नहीं हैं।
घर में जरूर रखें ये 3 पौधे
वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर में कुछ पौधों का होना बहुत ही जरूरी है। शास्त्र के अनुसार घर में तुलसी का पौधा जरूर होना चाहिए। मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे से घर की नेगेटिविटी दूर हो जाती है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि इस पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। इस पौधे को हमेशा घर के ईशान कोण में ही रखना चाहिए। इसके अलावा सीता अशोक के पेड़ का घर में होना शुभ माना जाता है। तीसरा जो पौधा है घर में हमेशा रखना चाहिए वो है हरश्रृंगार का। इस पौधे में घर की नेगेटिविटी को बाहर निकाल फेंकने की ताकत होती है।
घर में ना लगाएं ये पौधे
इस लिस्ट में वैसे तो कई नाम है। वास्तु शास्त्र में मुख्य रूप से कांटेदार पौधों को घर में ना लगाने की बात कही गई है। कैक्टस, नागफनी और बबूल जैसे पेड़ घर में कभी नहीं लगाने चाहिए। इन पेड़ों से ऐसी एनर्जी निकलती है जोकि घर के वास्तु के लिए सही नहीं होता है। इनकी वजह से घर की सुख-शांति भंग होती है। साथ ही ऐसे घरों में तनाव की स्थिति हमेशा बनी रहती है। कांटेदार पौधे के अलावा उन पौधों को घर में नहीं लगाना चाहिए जिनमें दूध जैसे सफेद द्रव्य निकलता हो। ऐसे पौधों को घर में लगाना अशुभ माना जाता है। अगर घर के आसपास ऐसे पौधे हैं तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए।
सोर्स: बृहद सरल वास्तुशास्त्र किताब से, रुपेश ठाकुर प्रसाद प्रकाशन




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