Vastu Tips: घर में बहुत बढ़ गई है नेगेटिविटी? बस इस दिशा में रख लें गैस चूल्हा
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर रसोईघर में गैस चूल्हे को सही दिशा में रखा जाए तो कई चीजों का हल मिल सकता है। नीचे विस्तार से जानें कि इसे किस दिखा में रखना सही होता है? साथ गैस चूल्हे से जुड़े और भी नियमों के बारे में जानें…

वास्तु शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जिसके पास हमारी कुछ मुश्किलों का हल जरूर है। इस शास्त्र में दिशाओं को लेकर कुछ ऐसे नियम हैं, जो अगर पूरे कर लिए गए तो घर की नेगेटिविटी को आसानी से दूर किया जा सकता है। बता दें कि घर के हर कोने से जुड़ा कोई ना कोई वास्तु नियम जरूर है। आज बात करेंगे किचन में रखे हुए गैस चूल्हे के बारे में। वास्तु शास्त्र के अनुसार गैस चूल्हा हमेशा सही दिशा में ही रखना चाहिए नहीं तो घर में फालतू की नेगेटिविटी आने लगती है और इससे घर की सुख-शांति प्रभावित होती है। तो चलिए जानते हैं कि गैस चूल्हे से जुड़ा क्या-क्या नियम वास्तु में बताया गया है?
इस दिशा में रखें गैस चूल्हा
शास्त्र के अनुसार अग्नि तत्व से जुड़ी हुई किसी भी चीज को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना उचित होता है। गैस चूल्हा भी इसी तत्व से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसे हमेशा किचन की दक्षिण- पूर्व दिशा में ही रखना सही होता है। गैस चूल्हे के अलावा स्टोव, हीटर और ओवन जैसी चीजों को भी हमेशा इसी दिशा की ओर रखना सही होता है। बस एक बात का ध्यान रखें कि ये चीजें ऐसी रखी हुई हो कि खाना बनाने वाले का मुंह पूर्व दिशा की ओर ही हो। वहीं जल व्यवस्था हमेशा ईशान कोई की ओर रखना चाहिए। कभी भी अग्नि तत्व से जुड़ी चीजों को पानी के आसपास नहीं रखना चाहिए।
ना करें ये भूल
शास्त्र में इस चीज का साफ तौर पर वर्णन हैं कि खाना बनाने वाले इंसान का मुंह पूर्व दिशा के अलावा किसी ओर दिशा में नहीं होना चाहिए। पश्चिम और दक्षिण दिशा में तो बिल्कुल भी नहीं। शास्त्र के अनुसार इन दिशाओंं की ओर मुंह करके खाना बनाने वाले लोग हमेशा बीमार ही रहते हैं। इन लोगों के शरीर में स्फूर्ति और उत्साह की कमी होती है। साथ ही ऐसे लोगों का मन भी अशांत रहने लगता है। अगर इस चीज में बदलाव ना लाया गया तो जल्द ही घर में दरिद्रता आ जाती है। इसके अलावा रसोई घर में हमेशा खुश रहना चाहिए। इससे पूरे घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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