वास्तु शास्त्र: तुलसी के पास कब जलाना चाहिए दीया? ये होती है सही दिशा और भूलकर भी पास ना रखें ये चीजें
तुलसी की पूजा से जुड़े कई नियम हैं जिसके बारे में हर किसी को सही से पता नहीं होता है। ऐसे में आज जानेंगे कि कुछ ऐसे नियम जो आसान भी हैं और इनका पालन करने से तुलसी पूजा फलदायी मानी जाती है।

Tulsi Puja: सनातन धर्म में तुलसी की पूजा का बहुत महत्व होता है। माना जाता है कि इस पौधे में मां लक्ष्मी का निवास होता है। साथ ही इसका महत्व और भी बढ़ जाता है कि क्योंकि ये पौधा भगवान विष्णु का भी खास माना जाता है। भगवान विष्णु की किसी भी पूजा में तुलसी दल चढ़ाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी की पूजा हमेशा होती है, वहां पर दरिद्रता का निवास कभी नहीं होगा।
ऐसे घरों में सुख-समृद्धि की कमी कभी नहीं होती है। जिन घरों में तुलसी की पूजा रोज होती है, वहां के लोग खुशहाल जिंदगी जिंदगी जीते हैं और ऐसे घरों की रौनक कभी फीकी नहीं पड़ती है क्योंकि पूजा की वजह घर में लगातार सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हालांकि तुलसी की पूजा के समय को लेकर कई लोगों में कन्फ्यूजन बना रहता है। तो आज जानेंगे कि आखिर में तुलसी की पूजा करने सा सही समय क्या है? साथ ही और भी जरूरी नियम को जानेंगे।
सुबह ऐसे करें तुलसी की पूजा
हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्रता और शुभता से जोड़कर देखा जाता है। नियम के अनुसार नहाने के बाद हर दिन तुलसी को जल चढ़ाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि रविवार और एकादशी के दिन तुलसी पर जल अर्पित नहीं करते हैं। तुलसी को जल अर्पित करने से घर की सारी नकारात्मकता दूर होती चली चली जाती है। अगर ये सूर्योदय के आसपास तुलसी को जल अर्पित किया जाए तो और भी अच्छा होता है।
शाम को इतने बजे करें तुलसी की पूजा
अब बात करते हैं कि आखिर शाम के वक्त तुलसी के पौधे की पूजा कब करनी चाहिए। नियम के हिसाब सूर्यास्त के आसपास तुलसी के पास दीया जला देना चाहिए। सरसों के तेल वाला दीया इस पूजा के लिए सही माना जाता है। धूपबत्ती जलाने के बाद दीए को जला देना चाहिए। इसके बाद तुलसी मांको फूल, रोली, अक्षत और सिंदूर चढ़ा देना चाहिए। तुलसी मां की आरती के साथ पूजा पूरी करनी चाहिए। आप चाहें तो तुलसी माता के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
ना करें तुलसी से जुड़ी ये गलतियां
तुलसी से जुड़े कुछ नियमों को हर किसी को जानना चाहिए। जैसे तुलसी के पौधे के पास क्या-क्या नहीं होना चाहिए या फिर इसे कब नहीं छूना है? शाम के वक्त कभी भी गलती से तुलसी के पौधे को हाथ नहीं लगाना चाहिए। सुबह पौधे पर जल अर्पित कर सकते हैं लेकिन ये काम शाम को कभी भी गलती से नहीं करना है। वहीं एकादशी और रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने हैं।
तुलसी के पौधे के पास ना रखें ये चीजें
कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिसे हमें तुलसी के पौधे के आसपास नहीं रखना चाहिए। नियम के हिसाब से तुलसी के पौधे के पास कभी भी कूड़ेदान नहीं होना चाहिए। साथ ही इसके आसपास कोई भी कांटेदार वाला पौधा नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा इस पौधे के आसपास कभी भी चप्पल नहीं रखना चाहिए। अगर इन नियमों का पालन ना किया जाए तो माना जाता है कि मां लक्ष्मी रुठ जाती हैं। ऐसे में तुलसी के पौधे के आसपास सफाई रहना जरूरी है।
इस दिशा में रखें तुलसी का पौधा
अब बात करते हैं सबसे जरूरी चीज की कि आखिर तुलसी का पौधा कहां और किस दिशा में रखना चाहिए। इस पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां पर धूप और हवा नियमित रूप से इस पौधे को मिलती रहे। वहीं अगर ईशान कोण में तुलसी का पत्ता रखा जाता है तो ऐसे घर में बरकत होती है। दरअसल वास्तु शास्त्र में इस दिशा को उत्तर-पूर्व दिशा कहा जाता है जोकि घर का सबसे शुद्ध कोना होता है। भूलकर भी दक्षिण दिशा में तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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