वास्तु शास्त्र: किचन में चप्पल पहनकर खाना बनाने से होता है ये नुकसान! इन 3 नियमों को ना करें नजरअंदाज
Vastu Rules for Kitchen: किचन घर का सबसे अहम कोना होता है। यहां से जुड़े कुछ ऐसे वास्तु नियम है जो कई लोगों के नहीं मालूम होते हैं और इससे होने वाला नुकसान बहुत ज्यादा होते हैं। पढ़ें किचन से जुड़े अहम नियमों के बारे में।

Kitchen Related Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन घर का सबसे अहम हिस्सा होता है। किचन और यहां पर रखी हुई हर एक चीज का संबंध वास्तु से है। नियम के हिसाब से अगर किचन से जुड़े वास्तु नियमों का पालन ना किया जाए तो ये हमारी जिंदगी और घर पर बहुत ही बुरा असर डालते हैं। किचन की दिशा से लेकर यहां पर खाना बनाने और सामान को रखने से जुड़े कई नियम हैं। यहां तक कि हम खाना बना कैसे रहे हैं, इसका असर भी हमारी जिंदगी पर पूरी तरह से पड़ता है। जैसे कि किचन में अक्सर हम चप्पल पहनकर ही खाना बनाते हैं लेकिन क्या वास्तु के हिसाब से ये सही है? तो चलिए जानते हैं कि इस सवाल का जवाब क्या है और जानेंगे किचन से जुड़े वास्तु के कुछ अहम नियमों को।
किचन में चप्पल पहनने से क्या होता है?
अगर आप किचन में चप्पल या फिर कोई भी फूटवियर पहनकर खाना बनाते आ रहे हैं तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है। दरअसल वास्तु शास्त्र के हिसाब से ऐसा करने से हम जाने-अनजाने में घर में नकारात्मक ऊर्जा लेकर आ रहे हैं। जूते-चप्पल में बाहर की खराब ऊर्जा और गदंगी होती है और इस वजह से ये किचन को अशुद्ध करती है। चप्पल घर में ही पहनी जाए तो भी इसे किचन के बाहर ही उतारना सही होगा। दरअसल मान्यता है कि अगर चप्पल पहनकर किचन में काम किया गया तो मां अन्नपूर्णा निराश होती है। ऐसी स्थिति में जिंदगी में परेशानियां आती हैं और घर में भी तनाव और कलेश की स्थिति हमेशा बनी रहती है।
किचन वास्तु से जुड़ा तीन सबसे अहम नियम
1. इस दिशा में बनाएं खाना
वास्तु में घर और यहां के हर कमरे से जुड़ी हर एक चीज के बारे में नियम है। घर में हम ज्यादातर जो चीजें करते हैं, उन्हें लेकर भी वास्तु में कई कायदे-कानून हैं। अब अगर बात की जाए कि क्या खाना बनाने से जुड़ी भी कोई ऐसी दिशा है जो शुभ है तो वास्तु की ओर से आपको हां ही मिलेगा। वास्तु के नियमों के हिसाब से खाना बनाते वक्त चेहरा हमेशा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। दरअसल इस दिशा में सूर्यदेव का वास माना जाता है। ऐसे में इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा सोर्स माना जाता है। ऐसे में खाना बनाने के लिए ये दिशा सबसे परफेक्ट है।
- मान्यता के अनुसार पूर्व दिशा की ओर बनाया गया खाना बरकत लाना है और इससे मेंटल स्ट्रेस भी कम होता है।
- दक्षिण दिशा में भूलकर भी खाना नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आती हैं।
- पश्चिम दिशा में कभी भी खाना नहीं पकाना चाहिए क्योंकि इससे रिश्तों में टकराव की स्थिति बनती है।
- उत्तर दिशा में भी खाना नहीं बनाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है।
2. किचन से बाहर करें टूटे हुए बर्तन
कई बार ऐसा होता है ना कुछ बर्तन जोकि पुराने या खराब हो चुके हैं, उन्हें किचन के ही रैक में कहीं रख दिया जाता है। आम तौर पर अक्सर लोग ऐसा इसलिए करते हैं कि शायद कभी चीज में इसका इस्तेमाल हो जाए या फिर समय आने पर इन्हें कबाड़ में या फिर बेचा जाएगा। स्थिति चाहे जो हो नुकसान ये बराबर का पहुंचाएगी। तो ऐसे में टूटे हुए बर्तन किचन से तुरंत हटा देने चाहिए। वास्तु शास्त्र के हिसाब से टूटी हुई चीज नकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर जल्दी खींच लेती है। ऐसे में घर में टूटे हुए बर्तन या कोई और सामान ना रखें। अगर आपका मन नहीं है कि टूटे हुए बर्तन को हटाया जाए तो उसकी मरम्मत करवा लें।
3. तवे को ना रखें उल्टा
इस बारे में शायद बहुत कम ही लोगों को पता हो लेकिन तवे को कभी भी किचन में उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। अक्सर धुलने के बाद तवे या फिर ऐसी किसी भी बर्तन को उल्टा करके रख दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। वास्तु के हिसाब से किचन में रखना हुआ तवा घर में दरिद्रता का कारण बन सकता है। साथ ही ऐसा करने से घर में कलेश बढ़ने लगते हैं। तो ऐसे में तवे को हमेशा सीधा ही रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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