Vastu Shastra: मेनडोर पर ना करें ऐसा पायदान रखने की गलती, बाहर की ओर जाते वक्त रखें इस बात का ध्यान
वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर के मेनडोर पर रखा हुआ पायदान सही होना चाहिए। आइए जानते हैं कि पायदान से जुड़े वास्तु में क्या-क्या नियम बताए गए हैं?

Doormat Vastu Shastra Tips: वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने से जुड़े उपाय बताए गए हैं। इनकी मदद से जिंदगी में आने वाली बाधाएं आसानी से दूर भी होती हैं। इस शास्त्र में घर के मेनडोर को काफी खास मानते हैं। इसे काफी महत्व भी दिया जाता है क्योंकि यही वो जगह है जहां से खराब और अच्छी एनर्जी का आवागमन होता है। इसी जगह से कई लोग बाहर जाते हैं और अंदर आते हैं। ऐसे में वास्तु के हिसाब से मेनडोर घर की एनर्जी का एंट्रेंस माना जाता है। वहीं इस जगह पर रखी हुई हर एक छोटी से भी छोटी चीज हमारे मन और घर पर गहरा असर डालती है। इन्हीं में से एक है पायदान।
तमाम लोग पायदान को सफाई का एक जरिया मानते हैं ताकि बाहर की गंदगी अंदर ना आ पाए। हालांकि वास्तु में इसे सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। अगर घर के मेनडोर पर सही पायदान यानी डोरमैट रखा जाए तो ये घर के माहौल को पॉजिटिव बना सकता है। वहीं इससे जुड़ी गलतियां हमारी जिंदगी में नेगेटिविटी ला सकती हैं। ऐसे में पायदान से जुड़े वास्तु के नियमों का पता होना जरूरी है।
ना करें मेनडोर के पायदान से जुड़ी ये गलतियां-
मेनडोर पर ना रखें गंदा पायदान
लोगों को लगता है कि पायदान है तो गंदा तो होगा ही लेकिन ये सोच सही नहीं है। वास्तु के हिसाब से मेनडोर पर रखा हुआ पायदान हमेशा साफ और अच्छी हालत में ही होना चाहिए। वास्तु की दुनिया में फटा हुआ और गंदा पायदान शुभ नहीं माना जाता है। नियम के हिसाब से ऐसा पायदान बाहर की नेगेटिविटी को आसानी से घर में ले आता है जोकि सही नहीं है। कोशिश यही करनी चाहिए कि समय-समय पर इसकी सफाई की जाए। वहीं अगर ये बहुत पुराना हो जाए तो इसे बदल देना चाहिए। साफ पायदान घर में अच्छी एनर्जी लेकर आता है और ऐसी जगह लोग खुश रहते हैं।
ना रखें डार्क रंग का पायदान
वास्तु शास्त्र में इस बात का भी जिक्र होता है कि पायदान का रंग रूप कैसा होना चाहिए। आजकल मार्केट में हर तरह के पायदान मिल जाते हैं। वास्तु के अनुसार बहुत ज्यादा डार्क रंग के पायदान घर में नहीं रखने चाहिए। हल्के रंग और आसान से पैटर्न वाले पायदान अच्छे माने जाते हैं। वहीं घर के बाहर ऐसा पायदान ना लगाएं जिस पर कोई डरावनी चीज या चेहरा बना हो।
क्या हो पायदान की सही दिशा
वास्तु शास्त्र की बात चलें और दिशा की बात ना आए तो ऐसा कैसे हो सकता है भला? नियम के हिसाब से पायदान को हमेशा सीधा रखना चाहिए। कई बार लोगों के घरों के बाहर उलटा या फिर मुड़ा हुआ पायदान देखा जाता है, जिसे वास्तु की नजर में सही नहीं माना जाता है। घर के बाहर या फिर अंदर आते वक्त ये चीज सुनिश्चित कर लेनी चाहिए और ध्यान रखना चाहिए कि पायदान सही तरीके से रखा हो। दिशा की बात करें तो अगर मेनडोर का मुख उत्तर की ओर है तो यहां पर नीले रंग का पायदान रखना चाहिए। वहीं पूर्व दिशा वाले मेनडोर पर हल्के रंग के पायदान रखने से लाभ मिलेगा। माना जाता है कि इस रंग के पायदान घर में बरकत ले आते हैं।
ना रखें एक से ज्यादा पायदान
कई लोग घर के मेनडोर पर एक के ऊपर दूसरा पायदान रख देते हैं। ऐसी गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। दरअसल एक के ऊपर एक पायदान रखने से मेनडोर भरा भरा लगने लगता है। मेनडोर पर चीजें व्यस्थित ही सही होती है। ऐसे में एक ही पायदान यहां पर रखना सही होता है। वास्तुशास्त्र के हिसाब से अगर पायदान से जुड़े इन नियमों का पालन सही से कर लिया जाए तो घर में नेगेटिविटी कभी नहीं आ सकती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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